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गुरुग्राम में जाम का परमानेंट इलाज, ट्रकों के लिए बनेंगे नए रूट; GMDA ला रहा 'सिटी लॉजिस्टिक प्लान'

Published: Tue, 27 Oct 2026 07:00 AM (IST)Updated: Tue, 27 Oct 2026 07:27 AM (IST)

गुरुग्राम में यातायात दबाव कम करने और माल आपूर्ति व्यवस्थित करने के लिए सिटी लाजिस्टिक प्लान तैयार किया जाएगा। जीएमडीए ...और पढ़ें

सोहना चौक के पास सोमवार दोपहर जाम में फंसे वाहन। फोटो: जागरण

सोहना चौक के पास सोमवार दोपहर जाम में फंसे वाहन। फोटो: जागरण

संदीप रतन, गुरुग्राम। तेजी से बढ़ते औद्योगिक और व्यावसायिक विस्तार के बीच गुरुग्राम का सिटी लॉजिस्टिक प्लान तैयार किया जाएगा। शहर की सड़कों पर यातायात का दबाव कम करने और माल की आपूर्ति व्यवस्था को व्यवस्थित बनाने के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने तैयारी शुरू कर दी है।

सिटी लॉजिस्टिक प्लान के लिए नवंबर में कंसल्टेंट कंपनी नियुक्त की जाएगी, जिसे छह महीने के भीतर योजना तैयार करनी होगी। इसमें मालवाहक वाहनों की आवाजाही, उनके लिए उपयुक्त मार्ग, माल चढ़ाने-उतारने के स्थान और भंडारण केंद्रों की जरूरत का अध्ययन किया जाएगा।

योजना से यह तय करने में मदद मिलेगी कि शहर में माल की आपूर्ति किस तरह व्यवस्थित की जाए, ताकि व्यस्त सड़कों पर अनावश्यक यातायात दबाव और जाम की समस्या को कम किया जा सके।

गुरुग्राम में औद्योगिक इकाइयों, कंपनियों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, बाजारों और गोदामों तक प्रतिदिन माल की आपूर्ति होती है। बेहतर लॉजिस्टिक योजना से माल की आवाजाही और सामान्य यातायात के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद मिलेगी।

गुरुग्राम से मानेसर तक ट्रांसपोर्ट नगर नहीं

बता दें कि दिल्ली-जयपुर हाईवे और इसके साथ लगते क्षेत्रों में दिनभर भारी वाहनों की आवाजाही रहती है। केएमपी और आईएमटी मानेसर में भी यही स्थिति है।

लेकिन गुरुग्राम से लेकर मानेसर तक न तो कोई ट्रांसपोर्ट नगर की सुविधा है और न पार्किंग। इसके कारण बड़े ट्रक और ट्राले सड़कों पर खड़े रहने के कारण हादसे हो रहे हैं।

मालवाहक वाहनों के मार्ग और समय पर होगा मंथन

कंपनी यह अध्ययन करेगी कि किन मार्गों पर मालवाहक वाहनों का दबाव अधिक रहता है और कहां उनकी आवाजाही को बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जा सकता है।

जरूरत के अनुसार वाहनों के लिए उपयुक्त मार्ग और आवाजाही के समय निर्धारित करने के सुझाव दिए जा सकते हैं। इससे व्यस्त सड़कों पर एक साथ भारी वाहनों की मौजूदगी कम करने में मदद मिलेगी।

  • 5 से ज्यादा मुख्य सड़कों पर दिनभर भारी वाहनों की आवाजाही।
  • 2 हाईवे और एक्सप्रेस वे किनारे बने बड़े वेयरहाउस।
  • 10 सड़कों के किनारे अवैध रूप से ट्रकों की हो रही पार्किंग।
  • 6 महीने में सिटी लॉजिस्टिक प्लान बनाने की तैयारी।

पार्किंग, वेयरहाउस और आपूर्ति व्यवस्था का आकलन

योजना के तहत लॉजिस्टिक केंद्रों, गोदामों, माल भंडारण और आपूर्ति व्यवस्था से जुड़ी मौजूदा सुविधाओं का भी आकलन किया जाएगा। कंपनी यह देखेगी कि शहर की वर्तमान और भविष्य की जरूरतों के अनुसार इन सुविधाओं में कहां सुधार की आवश्यकता है।

इससे माल की आवाजाही को बेहतर तरीके से नियोजित करने और परिवहन व्यवस्था की कमियों को दूर करने के सुझाव मिल सकेंगे।

छह महीने में योजना तैयार करने का लक्ष्य

जीएमडीए के इंजीनियर, मोबिलिटी डिवीजन रमेश चंद्र देशवाल ने बताया कि नवंबर में लॉजिस्टिक प्लान तैयार करने के लिए कंपनी को जिम्मेदारी सौंप दी जाएगी।

कंपनी को छह महीने में योजना तैयार करनी होगी। रिपोर्ट के आधार पर गुरुग्राम की माल ढुलाई और आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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