गुरुग्राम के सुशांत लोक में 2 क्रेन पर टिकाई 5 मंजिला बिल्डिंग, अगर ढाई इंच से ज्यादा झुकी तो तोड़ दी जाएगी
गुरुग्राम के सुशांत लोक में पड़ोसी प्लॉट में नींव की खुदाई के कारण एक निर्माणाधीन पांच मंजिला इमारत 2-2.5 इंच ...और पढ़ें

सुशांत लोक एक में निर्माणाधीन बिल्डिंग के झुकने के बाद मौके का निरीक्षण करते इंजीनियर और सपोर्ट के लिए लगाई गई क्रेन। फोटो: जागरण
विनय त्रिवेदी, गुरुग्राम। सुशांत लोक एक में झुकी पांच मंजिला निर्माणाधीन इमारत को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। आपदा प्रबंधन विभाग ने साफ किया कि अगर इमारत का झुकाव ढाई इंच से ज्यादा बढ़ा तो उसे गिराया जाएगा। फिलहाल दो क्रेनों के सहारे बिल्डिंग को रोका गया है और गुरुवार तक मॉनिटरिंग के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा।
मामला ब्लॉक सी के प्लाॅट नंबर-1770 का है, जहां मंगलवार शाम बगल के प्लाॅट में नींव की खुदाई के कारण पांच मंजिला निर्माणाधीन इमारत करीब दो से 2.5 इंच एक तरफ झुक गई।
सुशांत लोक थाना पुलिस ने एहतियातन आसपास के तीन घरों को खाली कराया, जिनमें 12 परिवार रहते थे। मौके पर पुलिस टीम तैनात की गई है। जांच में सामने आया कि प्लाॅट मालिक अंशुल कुमार अपने प्लाॅट पर मकान बनाने के लिए करीब पांच फीट गहरी नींव खोदवा रहा था।
आरोप है कि ठेकेदार और जेसीबी चालक ने पड़ोस की बिल्डिंग की नींव से सटाकर मिट्टी खोद दी और पहले कोई तालमेल नहीं किया। इसी लापरवाही से मिट्टी खिसकी और इमारत झुक गई। पुलिस ने प्लाॅट मालिक अंशुल कुमार, ठेकेदार और जेसीबी चालक के खिलाफ सुशांत लोक थाने में लापरवाही का केस दर्ज किया है।
लगातार मॉनिटरिंग, 24 घंटे सबसे अहम
आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ मोहित शर्मा ने बताया कि घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है। पांच मंजिला इमारत में ढाई इंच का गैप है और वह एक तरफ झुकी है। फिलहाल दो क्रेन लगाकर इसे रोकने की कोशिश है।
गुरुवार तक यह देखा जाएगा कि क्या यह बिल्डिंग रुक सकती है या नहीं। अगर ढाई इंच से ज्यादा झुकती है तो तोड़ने के आदेश दिए जाएंगे। फिलहाल मॉनिटरिंग की जा रही है। दूसरी ओर इंजीनियरों की टीम ने भी बुधवार को निरीक्षण किया।
उनका कहना है कि अगर मकान की नींव में सीमेंटेड फिलिंग भरी जाए और इसके बाद 100 एमएम सपोर्टिव दीवार बनाई जाए तो मकान को गिरने से बचाया जा सकता है। हालांकि, यह तभी संभव होगा, अगर मकान ढाई इंच से ज्यादा न झुके।
वर्षा हुई तो हो सकता है बड़ा हादसा
इंजीनियरों के अनुसार गहरी खोदाई होने से निर्माणाधीन मकान की नींव हिल गई है। अगर वर्षा होती है तो नमी आएगी और निर्माणाधीन पांच मंजिला बिल्डिंग गिर सकती है। अगर यह बिल्डिंग गिरी तो आसपास के तीन-चार और बिल्डिंगें प्रभावित होंगी।
पड़ोस में रहने वाले तरुण शर्मा ने बताया कि वह करीब सात साल से परिवार के साथ यहां रह रहे हैं। मंगलवार को प्रशासन के कहने पर और खतरे को देखते हुए परिवार के साथ रिश्तेदार के घर चले गए हैं।
तरुण ने बताया कि फिलहाल उनका सारा सामान घरों में ही रखा है। इससे 12 परिवार प्रभावित हुए हैं। सभी रिश्तेदारों और दोस्तों के घर रह रहे हैं।
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