अब डिपो वाले नहीं मार पाएंगे 'डंडी'! राशन की चोरी रोकने के लिए गुरुग्राम में आईं नई हाईटेक मशीनें
गुरुग्राम में राशन वितरण को पारदर्शी बनाने और अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने नई पीओएस और आधुनिक वेट मशीनें उपलब्ध कराई हैं।

अनियमितताओं पर रोक लगेगी, वितरण प्रणाली पारदर्शी होगी।
HighLights
गुरुग्राम में राशन वितरण के लिए नई पीओएस मशीनें।
आधुनिक वेट मशीनों से राशन की सही मात्रा सुनिश्चित।
अनियमितताओं पर रोक लगेगी, वितरण प्रणाली पारदर्शी होगी।
महावीर यादव, बादशाहपुर। राशन वितरण की शिकायतों के समाधान और पारदर्शी वितरण व्यवस्था के लिए विभाग ने शुरू की नई पहल की है। लगातार सामने आ रही राशन वितरण में अनियमितताओं और उपभोक्ताओं की शिकायतों के बीच खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
विभाग की तरफ से जिले के राशन डिपो धारकों को नई पीओएस मशीनें और आधुनिक वेट मशीनें उपलब्ध कराई जा रही हैं। ताकि पात्र लाभार्थियों को सही मात्रा में राशन समय पर मिल सके और वितरण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बन सके।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, गुरुग्राम क्षेत्र में 86 नई पीओएस मशीनें और वेट मशीनें वितरित की जा चुकी हैं, जबकि सोहना क्षेत्र में 51 और बादशाहपुर क्षेत्र में 13 मशीनों का वितरण किया गया है। वहीं पटौदी और फरुखनगर क्षेत्र में मशीनों का वितरण अभी शेष है। जिसे जल्द पूरा करने की बात कही जा रही है। नई मशीनों को चलाने के लिए एएफएसओ सुनील कुमार के नेतृत्व में सभी राशन वितरकों को प्रशिक्षण दिया गया है।
जिले में कुल 172 राशन डिपो संचालित हैं। जिनमें वर्तमान में 121 पीओएस मशीनों के माध्यम से राशन वितरण किया जा रहा है। जिले में करीब 1.19 लाख राशन कार्ड धारक हैं। जिन्हें हर माह औसतन 25,104 क्विंटल गेहूं वितरित किया जाता है। इसके अलावा लगभग 1,085 क्विंटल चीनी और 2,12,347 लीटर सरसों तेल का वितरण भी प्रतिमाह किया जाता है।
अधिकारियों का कहना है कि नई तकनीक के इस्तेमाल से राशन वितरण में गड़बड़ियों पर रोक लगेगी और उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित समाधान संभव हो सकेगा। आधुनिक मशीनों के जरिए राशन का सही वजन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे लाभार्थियों को पूरा हक मिल सकेगा। विभाग ने इसे पारदर्शी और जवाबदेह सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया है।
नई पीओएस मशीन और वेट मशीन राशन डिपो वितरकों को दी जा रही है। नई मशीन दोनों आपस में इंटरकनेक्ट है। इससे कम राशन देने की शिकायत खत्म हो जाएगी। कई इलाकों में नेटवर्क ना होने से पीओएस मशीन ना चलने की शिकायत भी रहती थी। वह भी अब नहीं रहेगी।
-केके गोयल, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक
| विवरण | मात्रा (प्रतिमाह औसतन) |
|---|---|
| राशनकार्ड धारक | 1.19 लाख |
| गेहूं वितरण | 25,104 क्विंटल |
| चीनी वितरण | 1,085 क्विंटल |
| सरसों तेल वितरण | 2,12,347 लीटर |
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