गुरुग्राम में निगम की बड़ी कार्रवाई, '24 घंटे चैलेंज' में लापरवाही पर 2 अफसरों पर जुर्माना; 62 को कारण बताओ नोटिस
नगर निगम गुरुग्राम ने '24 घंटे चैलेंज' मुहिम के तहत नागरिकों की शिकायतें समय पर हल न करने पर अधिकारियों-कर्मचारियों ...और पढ़ें
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गुरुग्राम नगर निगम। आर्काइव
HighLights
नागरिकों की शिकायतें समय पर न सुलझाने पर कार्रवाई।
दो अधिकारियों पर जुर्माना, 62 को कारण बताओ नोटिस।
लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों का वेतन रोकने का प्रावधान।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। नगर निगम की 24 घंटे चैलेंज मुहिम के तहत नागरिकों की शिकायतों का समय पर समाधान नहीं करने और सेवा स्तर समझौते (एसएलए) का उल्लंघन करने पर अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जा रही है।
शनिवार को निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने विभिन्न जोन के 215 मामलों की समीक्षा की। इस दौरान दो मामलों में संबंधित अधिकारियों पर जुर्माना लगाया गया, जबकि 62 मामलों में अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।
24 घंटे चैलेंज के तहत सड़क, सीवर, सफाई सहित अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों का 24 घंटे के भीतर समाधान करना अनिवार्य है। निर्धारित समय में शिकायत का निपटारा नहीं होने पर संबंधित अधिकारी पर पांच हजार रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रविधान है।
निगमायुक्त ने समीक्षा के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट किया कि शिकायतों के समाधान में लापरवाही और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जोन-6 में सबसे ज्यादा शिकायतें
समीक्षा के दौरान जोन-6 में सबसे अधिक 89 मामले सामने आए। इनमें 32 मामलों में संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों को नोटिस जारी किए गए। जोन-4 में 67 मामलों की समीक्षा की गई, जिनमें 13 में नोटिस जारी हुए।
जोन-1 के 24 मामलों में एक पर जुर्माना लगाया गया और दो में नोटिस दिए गए। इसी तरह जोन-3 के 16 मामलों में एक पर जुर्माना लगा, जबकि 11 मामलों में नोटिस जारी किए गए। जोन-5 के 17 मामलों में चार में संबंधित अधिकारियों को नोटिस दिए गए।
तीन दिन में देना होगा जवाब
नगर निगम ने शिकायतों के निपटारे में लापरवाही रोकने और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की है। इसके तहत नागरिकों की ओर से प्रतिकूल प्रतिक्रिया मिलने या सेवा स्तर समझौते का उल्लंघन होने पर संबंधित क्लस्टर हेड शिकायत की समीक्षा करेंगे।
इसके बाद जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा जाएगा। शिकायत का संतोषजनक समाधान होने तक संबंधित अधिकारी-कर्मचारी का वेतन रोकने का भी प्रविधान किया गया है।
वहीं, निगम ने सफाई और कचरा प्रबंधन के लिहाज से सात क्षेत्रों को संवेदनशील चिह्नित किया है। इनमें पालम विहार, सेक्टर-23, सेक्टर-45, सुशांत लोक-एक, आरडी सिटी, सेक्टर-56 और सेक्टर-57 शामिल हैं।
निगमायुक्त ने अधिकारियों को इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के साथ नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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