गोलीबारी मामला: 'छोटे अपराधी पकड़े, मुख्य साजिशकर्ता खुले घूम रहे', गुरुग्राम पुलिस पर भड़का पीड़ित परिवार
गुरुग्राम के गढ़ी हरसरू गांव में जमीन विवाद को लेकर गोलीबारी के मुख्य आरोपी एक सप्ताह बाद भी पुलिस की ...और पढ़ें
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गढ़ी गांव में व्यक्ति को गोली मारने के मामले में मुख्य आरोपी पुलिस पकड़ से दूर। जागरण
HighLights
गढ़ी गांव गोलीकांड के मुख्य आरोपी पुलिस पकड़ से दूर।
जमीन विवाद में दिनेश शर्मा को लगी गोली, भाई घायल।
पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। गुरुग्राम के सेक्टर-93 चौकी क्षेत्र के गांव गढ़ी हरसरू में जमीन विवाद की रंजिश में गोली मारने के मामले में मुख्य आरोपित एक सप्ताह बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
पुलिस ने भले ही पांच लोगों को पकड़ने का दावा किया हो, लेकिन पीड़ित परिवार का कहना है कि पकड़े गए सभी छोटे-मोटे लोग हैं, जबकि गोली चलाने वाले और साजिश रचने वाले मुख्य आरोपित खुलेआम घूम रहे हैं। इस कारण उन्हें भी जान का खतरा है।
पिस्टल से 4-5 राउंड फायर किए
9 अक्टूबर की आधी रात गांव में 35 से 40 लोगों ने ट्रैक्टर, जेसीबी और 5-6 गाड़ियों के साथ खेत पर कब्जा करने की कोशिश की थी। 10 अक्टूबर की सुबह करीब 4 बजे जब परिवार के लोग खेत की तरफ पहुंचे और कब्जे का विरोध किया तो भीड़ में से एक व्यक्ति ने पिस्टल से 4-5 राउंड फायर किए।
एक गोली 50 वर्षीय दिनेश शर्मा के पेट में लगी थी, जबकि उनके भाई भानू प्रताप के दोनों पैर लाठी-डंडों से तोड़ दिए गए थे। दोनों का अभी भी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
दिनेश के बेटे मोहित शर्मा ने शिकायत में बताया था कि उनके दादा के भाई अशोक शर्मा ने अपना हिस्सा पवन बुढ़ेड़ा को बेच दिया, जबकि जमीन की तकसीम को लेकर कोर्ट में मामला चल रहा था। विवादित होने के बाद भी जमीन बेची गई।
सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया
शिकायत में अशोक शर्मा, गजेंद्र शर्मा, हेमंत, दीपक, पवन, मनीष, डैनी वजीरपुर सहित 30-32 लोगों को नामजद किया गया था। भागते समय आरोपितों का एक सीसीटीवी वीडियो भी अब सामने आया है।
इस मामले में सेक्टर-93 चौकी प्रभारी एसआई विनोद कुमार ने बताया कि मामले में पांच लोगों को पकड़ा जा चुका है और मुख्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। वहीं पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
परिवार का कहना है कि पुलिस ने जिन्हें पकड़ा है, वे सिर्फ भीड़ का हिस्सा थे। मुख्य आरोपी अभी भी फरार हैं और परिवार को जान का डर सता रहा है।
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