विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

फरुखनगर में खुले सीवर से हादसे का डर, नगर पालिका कार्यालय के सामने भी अनदेखी

Published: Thu, 29 Oct 2026 03:35 PM (IST)

फरुखनगर में नगर पालिका कार्यालय के ठीक सामने खुले सीवर से आमजन की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए ...और पढ़ें

फरुखनगर में खुले सीवर से हादसे का डर  ( एआई जेनरेटेड इमेज )

फरुखनगर में खुले सीवर से हादसे का डर ( एआई जेनरेटेड इमेज )

HighLights

  1. नगर पालिका कार्यालय के सामने खुला सीवर।

  2. खुले सीवर से राहगीरों और वाहन चालकों को खतरा।

  3. शिकायतों के बावजूद विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं।

संवाद सहयोगी, फरुखनगर। शहर में आमजन की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदार विभाग कितने गंभीर हैं, इसकी बानगी फरुखनगर नगर पालिका कार्यालय के ठीक सामने देखने को मिल रही है।

यहां सीवर का ढक्कन खुला पड़ा है, लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारियों को इसकी सुध लेने की फुर्सत नहीं है। शहर में कई अन्य स्थानों पर भी सीवर के ढक्कन खुले होने से लोगों की जान पर खतरा मंडरा रहा है।

सवाल खड़े करती सीवर की स्थिति

नगर पालिका कार्यालय के सामने खुले सीवर की स्थिति व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जिस स्थान पर रोजाना लोगों की आवाजाही रहती है, वहां सुरक्षा के इंतजाम तक नहीं किए गए हैं। खुले सीवर में राहगीर गिर सकते हैं और वाहन चालक भी दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। रात के समय और कम रोशनी में खतरा और बढ़ जाता है।

अब तक नहीं हुई कोई ठोस कार्रवाई

स्थानीय निवासी भीम सारवान, सतीश कुमार, हरकेश यादव, रोहित कुमार और सुरेंद्र का कहना है कि शहर में खुले सीवरों की समस्या को लेकर कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

लोगों का कहना है कि जब नगर पालिका कार्यालय के सामने ही सीवर खुला पड़ा है, तो शहर के दूसरे हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था का अंदाजा लगाया जा सकता है।

लोगों ने कहा कि खुले सीवरों के कारण हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। बच्चों, बुजुर्गों और पैदल चलने वालों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से खतरनाक है। शिकायतों के बावजूद समस्या जस की तस बनी रहना विभाग की जवाबदेही पर सवाल उठाता है।

हादसे से पहले जागने की जरूरत

स्थानीय लोगों ने नगर पालिका कार्यालय के सामने सहित शहर के सभी खुले सीवरों को तत्काल ढकने और मरम्मत होने तक खतरनाक स्थानों पर बैरिकेडिंग करने की मांग की है। उनका कहना है कि किसी दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय विभाग को समय रहते कदम उठाने चाहिए।

इस संबंध में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के जेई भूपेंद्र से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।

यह भी पढ़ें- मुरादाबाद: रिश्वतखोरी के आरोपों में घिरे कंसल्टिंग इंजीनियर, जांच में देरी पर मंडलीय अधिकारियों ने दिखाई सख्ती