मुरादाबाद: रिश्वतखोरी के आरोपों में घिरे कंसल्टिंग इंजीनियर, जांच में देरी पर मंडलीय अधिकारियों ने दिखाई सख्ती
मुरादाबाद के कुंदरकी विकास खंड में कंसल्टिंग इंजीनियर अंकुर कुमार पर रिश्वत मांगने और एस्टीमेट उपलब्ध न कराने के आरोपों ...और पढ़ें

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HighLights
एस्टीमेट के नाम पर रुपये मांगने की प्रशासकों ने की थी शिकायत
जांच पूरी नहीं हुई तो मंडल स्तर पर गठित होगी दो सदस्यीय समिति
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। कुंदरकी विकास खंड में तैनात कंसल्टिंग इंजीनियर अंकुर कुमार पर रिश्वत मांगने और एस्टीमेट उपलब्ध नहीं कराने के आरोपों की जांच में देरी पर मंडल स्तर से सख्ती की गई है। उप निदेशक (पंचायत) अभय कुमार यादव ने जिला पंचायत राज अधिकारी को पत्र भेजकर जांच पूरी होने पर साक्ष्यों सहित आख्या तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
जांच पूरी नहीं होने पर उसमें लगने वाले अतिरिक्त समय की जानकारी भी तत्काल देने को कहा है। जरूरत पड़ने पर मंडल स्तर से दो सदस्यीय समिति स्थलीय और अभिलेखीय जांच करेगी।
कुंदरकी ब्लाक के ग्राम पंचायत भीकनपुर कुलवाड़ा की प्रशासक आसमा अब्बास ने आठ सितंबर 2026 को शिकायत की थी। आरोप है कि ग्राम पंचायत के स्कूलों की मरम्मत समेत कुछ कार्यों की माप होने के बावजूद कंसल्टिंग इंजीनियर ने एस्टीमेट उपलब्ध नहीं कराए।
उन पर ब्लाक परिसर में नियमित रूप से नहीं आने और फोन नहीं उठाने के आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायत में कुंदरकी विकास खंड की ग्राम पंचायत नूरपुर के निवर्तमान प्रधान अथवा प्रशासक की ओर से अंकुर कुमार को छह हजार रुपये यूपीआइ से और 1400 रुपये नकद देने का आरोप भी है।
साथ ही, 4500 रुपये मांगे जाने की शिकायत जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी से किए जाने का उल्लेख है। पत्र में छजलैट विकास खंड में अरविंद कुमार की ओर से शिकायत किए जाने की बात भी कही गई है।
आरोपों की पुष्टि जांच रिपोर्ट से होनी बाकी है। जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक शर्मा ने 19 दिसंबर 2025 को कंसल्टिंग इंजीनियर को नोटिस जारी किया।
उप निदेशक (पंचायत) के अनुसार इस प्रकरण में जनसुनवाई पोर्टल पर दो बार शिकायतें मिली थीं। पांच अक्टूबर को पूर्व शिकायतों से संबंधित पत्रावलियां और अभिलेख मांगे गए।
डीपीआरओ ने छह और 17 अक्टूबर को भेजी आख्या में जांच प्रक्रियाधीन बताई। दोनों पक्षों को 21 अक्टूबर को साक्ष्यों के साथ उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश भी दिए गए।
संयुक्त विकास आयुक्त, मुरादाबाद मंडल ने 13 अक्टूबर को जारी पत्र और प्रथम अनुस्मारक के जरिए अधिकतम तीन दिन में जांच आख्या मांगी थी। समय बीतने के बाद 22 अक्टूबर को उप निदेशक ने दोबारा निर्देश जारी किए।
अब जांच पूरी कर साक्ष्यों सहित रिपोर्ट देने या अतिरिक्त समय की जानकारी देने को कहा है। जांच लंबित रहने पर मंडल स्तर से समिति गठित कर रिपोर्ट मंडलायुक्त को प्रस्तुत की जाएगी।
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