द्वारका एक्सप्रेसवे पर बिजवासन टोल होगा बैरियर फ्री, गुरुग्राम से दिल्ली जाने में बचेंगे 20 मिनट
द्वारका एक्सप्रेसवे पर बिजवासन टोल प्लाजा पर वाहनों को अब टोल बैरियर पर रुकना नहीं पड़ेगा। दिल्ली नगर निगम (MCD) ...और पढ़ें

बिजवासन टोल पर जाम की वजह से लोगों का समय बर्बाद होता था। फोटो: आर्काइव
HighLights
बिजवासन टोल पर मल्टी लेन फ्री फ्लो प्रणाली लगेगी
वाहनों को टोल बैरियर पर रुकना नहीं पड़ेगा
अक्टूबर अंत तक प्रणाली विकसित करने का लक्ष्य
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। द्वारका एक्सप्रेसवे से दिल्ली आने-जाने वाले वाहन चालकों के लिए राहत की बड़ी पहल होने जा रही है। द्वारका एक्सप्रेसवे के बिजवासन टोल प्लाजा पर अब वाहनों को टोल बैरियर पर रुकना नहीं पड़ेगा।
दिल्ली नगर निगम (MCD) यहां मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) प्रणाली विकसित करेगा। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इसके लिए MCD को अनुमति दे दी है। NHAI ने MCD को अक्टूबर के अंत तक प्रणाली विकसित करने के लिए कहा है।
बिजवासन टोल प्लाजा पर वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण कई बार टोल बूथ तक लंबी कतार लग जाती है। इसका असर द्वारका एक्सप्रेसवे के यातायात पर भी पड़ता है।
विशेषकर व्यस्त समय में टोल पर वाहनों की रफ्तार कम होने से पीछे तक वाहनों की कतार पहुंच जाती है। NHAI पहले भी दिल्ली में स्थित MCD के कई टोल प्लाजा को तेज गति वाले राजमार्गों पर यातायात और सुरक्षा के लिहाज से समस्या बताते हुए बैरियर मुक्त व्यवस्था की जरूरत जता चुका है।
सरहौल के बाद बिजवासन की बारी
इससे पहले सरहौल बार्डर स्थित MCD टोल प्लाजा पर भी MLFF प्रणाली विकसित करने की अनुमति दी जा चुकी है। दिल्ली में राष्ट्रीय राजमार्गों के प्रवेश बिंदुओं पर इस व्यवस्था को लागू करने की प्रक्रिया तेज की गई है।
NHAI के परियोजना निदेशक भवनेश कुमार का कहना है कि MCD ने अक्टूबर के अंत तक बिजवासन टोल पर भी मल्टी लेन फ्री फ्लो प्रणाली विकसित करने का भरोसा दिलाया है।
टोल भी दो और जाम में भी फंसो
द्वारका एक्सप्रेसवे से रोजाना आवाजाही करने वाले वाहन चालकों राजेश कुमार, अमरेश सिंह एवं जयशंकर वर्मा का कहना है कि टोल बूथ पर रुकने में कई बार 20 से 25 मिनट तक खराब हो जाते हैं। टोल देने के बाद भी जाम में फंसने की स्थिति से अब राहत मिलने की उम्मीद है।
तेज गति वाले एक्सप्रेसवे के लिए मल्टी लेन फ्री फ्लो प्रणाली इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि एक्सप्रेसवे की अवधारणा ही निर्बाध और तेज यातायात पर आधारित है। टोल बैरियर पर वाहनों को रोकना इस व्यवस्था की गति को प्रभावित करता है।
