गाड़ियों के हॉर्न और शोर से मिलेगी निजात, दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर NHAI लगाने जा रहा नॉइज बैरियर
दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे के आसपास रहने वालों को वाहनों के शोर से राहत मिलेगी, क्योंकि NHAI दोनों ओर नाइज बैरियर लगाने की योजना बना रहा है।

दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे के किनारे लगेंगे नॉइज बैरियर
HighLights
दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर लगेंगे नॉइज बैरियर।
वाहनों के शोर से निवासियों को मिलेगी राहत।
द्वारका एक्सप्रेसवे की तर्ज पर होगी व्यवस्था।
आदित्य राज, गुरुग्राम। दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे के आसपास रहने वाले लोगों को जल्द ही वाहनों के शोर से राहत मिलने की उम्मीद है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) एक्सप्रेसवे के दोनों ओर नॉइज बैरियर लगाने की योजना पर काम कर रहा है।
अगले एक महीने के भीतर इनकी स्थापना पर आने वाले खर्च का आकलन किया जाएगा। इसके बाद योजना को धरातल पर उतारने की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे। द्वारका एक्सप्रेसवे की तर्ज पर विकसित होने वाली इस व्यवस्था से यातायात की आवाज को रिहायशी क्षेत्रों तक पहुंचने से रोकने में मदद मिलेगी।
NCR में सबसे बिजी रास्तों में शामिल है ये एक्सप्रेसवे
दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल है। दिल्ली और गुरुग्राम के बीच दिनभर बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही रहती है। वाहनों के इंजन, हॉर्न और टायरों से पैदा होने वाला शोर आसपास की आवासीय सोसायटियों और रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।
लगातार शोर के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने के साथ रात में लोगों की नींद में भी खलल पड़ता है। यातायात का दबाव बढ़ने के साथ यह समस्या और गंभीर होती जा रही है। इसे देखते हुए एक्सप्रेसवे के आसपास रहने वाले लोग लंबे समय से वाहनों के शोर से राहत दिलाने के लिए प्रभावी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
सेक्टर-15 पार्ट-दो ने क्या बताया?
सेक्टर-15 पार्ट-दो निवासी सेवानिवृत इंजीनियर विमल वर्मा का कहना है कि एक्सप्रेसवे पर दिन-प्रतिदिन यातायात का दबाव बढ़ रहा है। जाम की समस्या के बीच वाहनों का शोर भी लगातार बढ़ रहा है। नाइज बैरियर सड़क और रिहायशी क्षेत्र के बीच ध्वनि अवरोधक का काम करते हैं।
इनकी ऊंचाई, बनावट, सामग्री और स्थापना के स्थान के आधार पर वाहनों की आवाज को काफी हद तक कम किया जा सकता है। अनुकूल परिस्थितियों में अच्छी गुणवत्ता वाले नाइज बैरियर यातायात के शोर को लगभग 15 से 20 डेसिबल तक घटाने में सक्षम हो सकते हैं।
द्वारका एक्सप्रेसवे की तर्ज पर होगी व्यवस्था
द्वारका एक्सप्रेसवे पर नॉइज बैरियर की व्यवस्था की गई है। इससे आसपास के इलाकों तक वाहनाें की आवाज बहुत कम पहुंचती है। एनएचएआइ के परियोजना निदेशक भवनेश कुमार का कहना है कि दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे के दोनों ओर नाइज बैरियर लगाने की दिशा में काम किया जाएगा। अगले एक महीने में इस पर होने वाले खर्च का आकलन किया जाएगा।
इसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। इसका उद्देश्य सड़क से निकलने वाली आवाज का आसपास के रिहायशी क्षेत्रों पर पड़ने वाला प्रभाव कम करना है। इस योजना पर काम करने से पहले कोई सर्वे नहीं किया गया है। कुछ कार्यों के लिए सर्वे करने की आवश्यकता नहीं होती।
एक्सप्रेसवे पर वाहनों का दबाव दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है। इसकी वजह से वाहनों का शोर बढ़ रहा है, इसे महसूस करते हुए योजना पर काम किया जाएगा।
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