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गुरुग्राम में धूल प्रदूषण पर CAQM का कड़ा रुख, लापरवाही बरतने वाले नगर निगम अधिकारियों पर चलेगा मुकदमा

By SandeepEdited By: Shanu Sharma
Published: Sat, 07 Nov 2026 09:52 PM (GMT+05:30)

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने गुरुग्राम नगर निगम के अधिकारियों के खिलाफ सड़कों पर धूल प्रदूषण नियंत्रण में लापरवाही बरतने ...और पढ़ें

गुरुग्राम में प्रदूषण नियंत्रण। फोटो- जागरण आर्काइव

गुरुग्राम में प्रदूषण नियंत्रण। फोटो- जागरण आर्काइव

HighLights

  1. सीएक्यूएम ने गुरुग्राम नगर निगम अधिकारियों पर मुकदमा चलाने की मंजूरी दी।

  2. सड़क धूल नियंत्रण निर्देशों के लगातार उल्लंघन पर यह कार्रवाई।

  3. कार्यकारी अभियंता सुंदर श्योराण सहित जिम्मेदार अधिकारियों पर होगी कार्रवाई।

जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। शहर की सड़कों से धूल प्रदूषण कम करने में लापरवाही बरतना नगर निगम के अधिकारियों को भारी पड़ सकता है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने सड़क धूल नियंत्रण के निर्देशों का लगातार उल्लंघन करने पर नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष मुकदमा चलाने के लिए शिकायत दायर करने की मंजूरी दे दी है।

आयोग ने नगर निगम के कार्यकारी अभियंता सुंदर श्योराण और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अब नगर निगम आयुक्त या उनके प्रतिनिधि को संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अभियोजन की शिकायत दायर करनी होगी।

आयोग ने आदेश में क्या कहा?

आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि दिसंबर 2025 में नगर निगम क्षेत्र की 125 सड़कें जांची गई थीं। इनमें 34 पर बहुत अधिक, 58 पर मध्यम और 29 पर कम धूल मिली थी। केवल चार सड़क खंड ही साफ पाए गए थे।

104 किलोमीटर सड़कों पर मिले 258 उल्लंघन

फरवरी 2026 में सेक्टर 49, 57, 70, 73, 74 और 75 में निरीक्षण के दौरान सड़कों के किनारे ढीली मिट्टी और निर्माण एवं विध्वंस कचरे के ढेर मिले थे। इसके बाद अक्टूबर 2026 में 52 सड़क खंडों की जांच की गई। करीब 104 किलोमीटर क्षेत्र में हुए निरीक्षण के दौरान कुल 258 उल्लंघन सामने आए।

इनमें से 174 उल्लंघन नगर निगम से संबंधित थे। इसके अलावा 13 अक्टूबर तक आयोग को इंटरनेट मीडिया के माध्यम से नगर निगम से जुड़ी 1,135 और गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) से जुड़ी 183 शिकायतें मिली थीं।

आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुआ आयोग

आयोग ने 21 अक्टूबर को नगर निगम को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। तीन नवंबर को हुई व्यक्तिगत सुनवाई में नगर निगम की ओर से बताया गया कि सड़कों की गहरी सफाई कराई जा रही है। नवंबर के मध्य तक घर-घर से कचरा उठाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

पहले की लापरवाही पर कार्रवाई जरूरी

आयोग ने नगर निगम के इन आश्वासनों को भविष्य में किए जाने वाले सुधारों से जुड़ा माना और कहा कि इससे पहले दर्ज लापरवाही की जिम्मेदारी खत्म नहीं होती। सुंदर श्योराण के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की सिफारिश को भी आयोग ने जिम्मेदारियों के निर्वहन में गंभीर चूक का संकेत माना है।

सीएक्यूएम अधिनियम, 2021 की धारा 14(2) के तहत नगर निगम आयुक्त या उनके अधिकृत प्रतिनिधि को संबंधित अधिकारियों और पर्यवेक्षी अधिकारियों के विरुद्ध न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष शिकायत दायर करने का अधिकार दिया गया है।

दस्तावेजों के साथ देनी होगी कार्रवाई रिपोर्ट

आयोग ने नगर निगम को शिकायत के साथ निरीक्षण रिपोर्ट, तस्वीरें, सड़क झाड़ू मशीनों के संचालन का रिकार्ड, जारी निर्देशों और उन पर की गई कार्रवाई से जुड़े दस्तावेज संलग्न करने के निर्देश दिए हैं।

साथ ही यह भी स्पष्ट करना होगा कि धूल नियंत्रण में विफल रहने के लिए कौन-कौन से अधिकारी जिम्मेदार हैं। शिकायत दायर करने के बाद नगर निगम को इसकी कार्रवाई रिपोर्ट भी आयोग के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी।

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