गुरुग्राम के मानेसर में बंद पड़े 115 सार्वजनिक शौचालयों की बदलेगी सूरत, टेंडर प्रक्रिया शुरू
मानेसर नगर निगम क्षेत्र में 115 सार्वजनिक शौचालयों के संचालन और रखरखाव पर लगभग 2.75 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ...और पढ़ें
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पौने तीन करोड़ रुपये से होगा सार्वजनिक शौचालयों का संचालन और रखरखाव
HighLights
मानेसर में 115 सार्वजनिक शौचालयों का होगा रखरखाव।
करीब 2.75 करोड़ रुपये का बजट किया गया आवंटित।
एक साल तक निजी एजेंसी करेगी साफ-सफाई और संचालन।
जागरण संवाददाता, मानेसर (गुरुग्राम)। मानेसर नगर निगम क्षेत्र में बने सार्वजनिक शौचालयों की साफ-सफाई, संचालन और रखरखाव पर नगर निगम करीब पौने तीन करोड़ रुपये खर्च करेगा। इ
सके तहत क्षेत्र में बने सार्वजनिक शौचालयों का अगले एक साल तक नियमित रखरखाव कराया जाएगा। इसके लिए नगर निगम द्वारा टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही एजेंसी को कार्य सौंप दिया जाएगा।
क्षेत्र में नगर निगम की इंजीनियरिंग शाखा की ओर से निगम क्षेत्र में करीब 115 सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कराया गया है। इन शौचालयों का संचालन और रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए निजी एजेंसी की सेवाएं ली जाएंगी।
एजेंसी की जिम्मेदारी शौचालयों की नियमित साफ-सफाई, पानी की उपलब्धता, बिजली व्यवस्था प्रत्येक शौचालय पर एक सफाईकर्मी और सुपरवाइजर व अन्य जरूरी सुविधाओं को दुरुस्त रखने की होगी। अभी तक इन शौचालयों को चालू नहीं किया गया है।
110 लाख रुपये का टेंडर हुआ रद
नगर निगम द्वारा इसी साल की शुरुआत में 34 शौचालयों का रखरखाव और संचालन के लिए टेंडर आवंटित किया था। जिस एजेंसी को यह टेंडर मिला था वह कार्य करने में असक्षम रही। इसके बाद नगर निगम के हाउस की बैठक में एजेंसी का कार्य रद करने का एजेंडा पास हुआ था।
इसके आधार पर नगर निगम ने पूरे मामले को मुख्यालय भेजा गया। जहां से एजेंसी का वर्क आर्डर रद कर दिया गया है। अब पूरे 115 शौचालयों के रखरखाव के लिए कार्य सौंपा जाएगा। इस पर नगर निगम करीब 2 करोड़ 85 लाख रुपये खर्च करेगा।
अभी बंद पड़े हुए हैं सभी शौचालय
नगर निगम द्वारा इन शौचालयों को 2022 में इन शौचालयों का निर्माण कराया गया था। स्वच्छ भारत मिशन के तहत इनका निर्माण हुआ था। इसके बाद से इन शौचालयों को चालू नहीं किया गया है।
नगर निगम क्षेत्र के लगभग सभी गांवों में सार्वजनिक स्थानों पर ये शौचालय बनाए गए हैं। नगर निगम के एक्सईएन निजेश का कहना है कि जल्द ही एजेंसी को कार्य सौंप दिया जाएगा।