विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गुरुग्राम में 1.53 लाख किलो गेहूं के गबन का पर्दाफाश, 4 अधिकारियों पर केस दर्ज; रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस

Published: Mon, 28 Sep 2026 08:13 PM (IST)

गुरुग्राम में 1.53 लाख किलोग्राम गेहूं के गबन के मामले में पूर्व डीएफएससी अनिल कुमार सहित चार अधिकारियों पर केस ...और पढ़ें

राशन डिपो की तस्वीर। जागरण आर्काइव

राशन डिपो की तस्वीर। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. गुरुग्राम में 1.53 लाख किलोग्राम गेहूं गबन का मामला सामने आया।

  2. पूर्व डीएफएससी अनिल कुमार सहित चार अधिकारियों पर केस दर्ज।

  3. मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की जांच रिपोर्ट के आधार पर हुई कार्रवाई।

महावीर यादव, बादशाहपुर (गुरुग्राम)। राशन वितरण व्यवस्था में गड़बड़ी और गेहूं के गबन के मामले में जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) रहे अनिल कुमार समेत चार अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामला मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की जांच रिपोर्ट के आधार पर दर्ज किया गया है।

राशन डिपो होल्डर की शिकायत पर हुआ खुलासा

आरोपितों में तत्कालीन डीएफएससी अनिल कुमार, एएफएसओ विजय कुमार, निरीक्षक प्रेमपूर्ण सिंह और उप निरीक्षक राकेश कुमार शामिल हैं। पुलिस ने भादंसं की धारा 409, 420, 120बी और 384 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपितों में से तीन के विरुद्ध पहले भी गबन के मामले दर्ज हैं। डीएफएसी अनिल कुमार अभी निलंबित है। राशन डिपो होल्डर रूपेश अरोड़ा की शिकायत पर मुख्यमंत्री उड़ान दस्ता ने जांच की थी।

रिकॉर्ड की जांच में लगी घोटाले पर मुहर

17 फरवरी 2026 को जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक कार्यालय का निरीक्षण कर रिकार्ड लिए। रिकाॅर्ड, बयानों और बैंक खातों की जांच की गई। इसमें जुलाई, अगस्त और नवंबर 2023 में अलग-अलग पीओएस मशीनों के बीच गेहूं ट्रांसफर किए जाने की जानकारी सामने आई।

जांच रिपोर्ट के अनुसार जुलाई 2023 में विभिन्न पीओएस मशीनों के माध्यम से 71,735 किलोग्राम गेहूं, अगस्त में 57,969 किलोग्राम गेहूं और नवंबर में 23,400 किलोग्राम गेहूं ट्रांसफर किया गया। 1,53,104 किलोग्राम गेहूं के गबन का मामला सामने आया।

2020 के बाद के राशन आवंटन रिकाॅर्ड गायब

जांच में यह भी पाया गया कि जिन पीओएस मशीनों में गेहूं ट्रांसफर किया गया, उनमें से कई मशीनें किसी राशन डिपो को आवंटित नहीं थीं। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2020 के बाद इन मशीनों में सरकार की ओर से राशन आवंटित किए जाने का रिकार्ड भी नहीं मिला।

शिकायत में तत्कालीन डीएफएससी अनिल कुमार, एएफएसओ विजय कुमार और निरीक्षक प्रेमपूर्ण सिंह पर डिपो होल्डरों के साथ मिलीभगत कर 1,53,104 किलोग्राम गेहूं का गबन करने का आरोप लगाया गया है।

राशन ट्रांसफर करने का रिकाॅर्ड जुटा रहे

उप निरीक्षक राकेश कुमार पर डिपो होल्डर बाबूराम गुप्ता से अन्य राशन डिपो की मशीनें अटैच करने के एवज में दबाव डालकर 1,29,200 रुपये वसूलने का आरोप है। पुलिस अब एक जनवरी 2022 से 31 मार्च 2026 तक एक पीओएस मशीन से दूसरी मशीन में किए गए राशन ट्रांसफर का रिकाॅर्ड जुटाकर जांच करेगी।

डीएफएससी रहे अनिल कुमार रहे हैं दागी

डीएफएससी रहे अनिल कुमार राशन डिपो घोटाले में पहले भी आरोपित है। उनके विरुद्ध गुरुग्राम और करनाल में मामले दर्ज हैं। काफी दिन जेल में रहने पर अनिल कुमार को निलंबित कर दिया गया था। इस मामले में एएफएसओ विजय कुमार टांक को भी निलंबित किया गया था। निरीक्षक प्रेम पूर्ण सिंह को भी गबन के मामले में निलंबित किया गया था।

यह भी पढ़ें- गुरुग्राम में नकली टेल्मा-एएम में मिलाते थे खाने वाला स्टार्च, पहले दवा कंपनी में काम करता था 8वीं पास आरोपित

यह भी पढ़ें- गुरुग्राम में रिहायशी इलाकों में कमर्शियल का खेल खत्म, SC की सख्ती से हड़कंप, गुरुग्राम में 98 PG और गेस्ट हाउस सील