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गुरुग्राम में नकली टेल्मा-एएम में मिलाते थे खाने वाला स्टार्च, पहले दवा कंपनी में काम करता था 8वीं पास आरोपित

Published: Mon, 28 Sep 2026 06:54 PM (IST)

गुरुग्राम में नकली बीपी की दवा टेल्मा-एएम बनाने के मामले में नई जानकारी सामने आई है, जिसमें आरोपित प्रदीप कुमार ...और पढ़ें

गुरुग्राम औषधि नियंत्रण विभाग की गिरफ्त में नकली टेल्मा-एएम दवा मामले में दो आरोपित। सौ.टीम प्रतिनिधि

गुरुग्राम औषधि नियंत्रण विभाग की गिरफ्त में नकली टेल्मा-एएम दवा मामले में दो आरोपित। सौ.टीम प्रतिनिधि

HighLights

  1. नकली बीपी दवा में खाद्य स्टार्च का प्रयोग किया गया।

  2. आरोपित प्रदीप कुमार पहले दवा कंपनी में काम करता था।

  3. जांच टीम पैकिंग और पूरी सप्लाई चेन खंगाल रही है।

वरुण त्रिवेदी, गुरुग्राम। नकली बीपी की दवा मामले की जांच में निर्माण प्रक्रिया से जुड़ी नई जानकारी सामने आई है। एफडीए गुरुग्राम के अनुसार, काशीपुर निवासी आरोपित प्रदीप कुमार आठवीं कक्षा तक पढ़ा है और उसी पर टेल्मा-एएम के नाम से नकली बीपी की दवा तैयार करने का आरोप है।

पूछताछ में सामने आया है कि दवा तैयार करने में खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाले स्टार्च का प्रयोग किया जा रहा था। हालांकि बरामद दवा में स्टार्च की मौजूदगी और उसकी वास्तविक संरचना की पुष्टि प्रयोगशाला जांच के बाद ही होगी। एफडीए को भेजे गए नमूनों की रिपोर्ट का इंतजार है।

पहले करता था दवा कंपनी में काम

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपित प्रदीप पहले एक दवा कंपनी में काम कर चुका था। इसी दौरान उसने दवा बनाने और पैकिंग करने की प्रक्रिया सीखी थी। पुलिस रिमांड पर आरोपित प्रदीप से पूछताछ जारी है। यह पता लगाया जा रहा है कि उसने वहां किस तरह का काम किया था और वर्तमान मामले में सीखी गई प्रक्रिया का इस्तेमाल किस तरह किया गया।

खाद्य पदार्थों से दवा तक पहुंचा स्टार्च

जांच के मुताबिक आरोपित स्टार्च का इस्तेमाल नकली टैबलेट तैयार करने में कर रहे थे। स्टार्च का उपयोग खाद्य उद्योग के अलावा कई अन्य उत्पादों में भी किया जाता है। इसी कारण जांच टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि स्टार्च कहां से खरीदा गया और उसे टैबलेट तैयार करने की प्रक्रिया में किस तरह इस्तेमाल किया गया। दवा के साथ उसकी पैकिंग भी तैयार की जा रही थी।

अब जांच में आया नया मोड़

आरोपितों द्वारा पत्ते, स्टीकर, पेपर और गत्ते आदि किसी स्थानीय प्रिंटिंग प्रेस से छपवाए जाने की जानकारी सामने आई है। अब जांच टीम यह पता लगा रही है कि पैकिंग सामग्री किसने तैयार की, किस नाम से ऑर्डर दिया गया और उस पर कंपनी का नाम, बैच नंबर और अन्य विवरण किसने अंकित किए।

नकली बीपी दवा मामले में जांच जारी है। मशीनरी, कच्चे माल और पैकिंग से लेकर दिल्ली और गुरुग्राम तक पहुंची सप्लाई चेन की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटाई जा रही है। एक अन्य आरोपित साहिब अग्रवाल की तलाश भी की जा रही है।

-सुरेश कुमार, औषधि नियंत्रण अधिकारी-2 गुरुग्राम।

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