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सूरजकुंड दीवाली मेले में संगीत, स्वदेशी उत्पाद और फूलों की खुशबू का संगम, 300 स्टाॅल पर उमड़ रहे लोग

Published: Sat, 24 Oct 2026 05:35 PM (IST)

आत्मनिर्भर भारत थीम पर आधारित सूरजकुंड दिवाली मेला सूफी गायक कंवर ग्रेवाल और अमित ढुल जैसे कलाकारों की संगीतमय प्रस्तुतियों ...और पढ़ें

शुक्रवार की शाम सूफी गायक कंवर ग्रेवाल की दमदार आवाज, सूफियाना अंदाज और पंजाबी संगीत की शानदार प्रस्तुति ने पूरे माहौल को संगीतमय बना दिया। जागरण

शुक्रवार की शाम सूफी गायक कंवर ग्रेवाल की दमदार आवाज, सूफियाना अंदाज और पंजाबी संगीत की शानदार प्रस्तुति ने पूरे माहौल को संगीतमय बना दिया। जागरण

HighLights

  1. सूफी गायक कंवर ग्रेवाल की दमदार आवाज ने माहौल संगीतमय बनाया।

  2. मेले में 300 स्टॉल पर स्वदेशी उत्पाद और हस्तशिल्प उपलब्ध हैं।

  3. खुशबू नर्सरी में विभिन्न प्रकार के सजावटी पौधे आकर्षित कर रहे।

जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी मेला की थीम पर आधारित तृतीय सूरजकुंड दीवाली मेले की मुख्य चौपाल पर कलाकारों की प्रस्तुति दर्शकों को खूब भा रही है। शुक्रवार की शाम सूफी गायक कंवर ग्रेवाल की दमदार आवाज, सूफियाना अंदाज और पंजाबी संगीत की शानदार प्रस्तुति ने पूरे माहौल को संगीतमय बना दिया।

मुख्य चौपाल पर कलाकारों की प्रस्तुति

कंवर ग्रेवाल ने अपनी गायकी के माध्यम से पंजाबी लोक संगीत और सूफी परंपरा की खूबसूरती को प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति में प्रेम, आध्यात्मिकता और पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली। वहीं शनिवार को भी मुख्य चौपाल पर कलाकारों की प्रस्तुति जारी रही।

सूफियाना संगीत ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया

गुरमीत एंड ग्रुप की प्रस्तुति के बाद हरियाणवीं धाकड़ छोरियों की प्रस्तुति ने मंच पर मौजूद दर्शकों का झूमने को मजबूर कर दिया। इसके बाद चौपाल पर पहुंचे अमित ढुल एंड ग्रुप ने लोकप्रिय गीत मस्त बना देंगे बीबा, इश्क बुल्ले नु नचावे और मस्त कलंदर जैसे सूफियाना संगीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

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लोक परंपरा और सांस्कृतिक विविधता के दर्शन

वहीं, रांझा रांझा कर दी, यार तेरा चेतक पे चाले तन्ने चस्का रेड फरारी का और मेरा बालम थानेदार सहित भोजपुरी गीतों का लाइनें प्रस्तुत कर दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। सूरजकुंड दिवाली मेला हस्तशिल्प, लोककला, पारंपरिक खानपान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ देश के प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुतियों का प्रमुख मंच बन रहा है। संगीत कार्यक्रम विभिन्न क्षेत्रों की लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विविधता को लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

फूलों की खूशबू कर रही आकर्षित

मेले में खुशबू नर्सरी द्वारा घर, आंगन, बालकनी और कार्यालयों की सुंदरता बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रकार के सजावटी पौधे उपलब्ध कराए गए हैं।

नर्सरी में किफायती दामों पर गुलाब के अनेक प्रकार के पौधों के साथ-साथ मनी प्लांट और विभिन्न प्रजातियों के फूलों एवं सजावटी पौधों की विस्तृत श्रृंखला मौजूद है।

पर्यटक अपनी पसंद और आवश्यकता के अनुसार पौधों की खरीदारी कर रहे हैं। दिवाली के अवसर पर अपने घरों और कार्यस्थलों को हरियाली तथा प्राकृतिक सुंदरता से सजाने के इच्छुक लोगों के लिए यह नर्सरी विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

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उपलब्ध हैं महिलाओं के परिधान

मेले में करीब 300 स्टाल लगाए गए हैं। महिलाओं के लिए विभिन्न डिजाइन और रंगों में सूट उपलब्ध हैं। इसके अलावा कुर्ता, साड़ियां और आभूषण खरीदारों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। इन उत्पादों की विविधता और किफायती कीमतों के चलते मेले में आने वाले लोग स्टाल पर रुककर उत्पादों की जानकारी ले रहे हैं।

लोगों की रुचि देखने को मिल रही

खादी के कपड़ों के साथ-साथ स्टाॅल पर महिलाओं के लिए हर्बल कास्मेटिक उत्पाद, मिट्टी से बने पारंपरिक बर्तन, शहद और घर की सजावट के लिए विभिन्न प्रकार के सामान भी उपलब्ध हैं। इन उत्पादों के माध्यम से लोगों को स्वदेशी वस्तुओं और पारंपरिक शिल्प से जुडने का अवसर मिल रहा है। घर की सजावट के सामान और मिट्टी से बनी वस्तुओं में भी मेले में आने वाले लोगों की रुचि देखने को मिल रही है।

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