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हरियाणा पर्यटन निगम में 95.55 लाख रुपये के गबन का आरोप, फर्जी सिग्नेचर वाले 145 चेक जांच के दायरे में

Published: Sun, 11 Oct 2026 06:47 PM (IST)

हरियाणा पर्यटन निगम के होटल राजहंस और सनबर्ड टूरिस्ट रिजॉर्ट से फर्जी हस्ताक्षर के जरिए करीब 95.55 लाख रुपये का ...और पढ़ें

इस संबंध में सूरजकुंड थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी और आपराधिक गबन से संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। एआई इमेज

इस संबंध में सूरजकुंड थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी और आपराधिक गबन से संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। एआई इमेज

HighLights

  1. हरियाणा पर्यटन निगम में 95.55 लाख रुपये का गबन।

  2. फर्जी हस्ताक्षर वाले 145 चेक जांच के दायरे में।

  3. सूरजकुंड पुलिस ने दर्ज की धोखाधड़ी की FIR।

जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। हरियाणा पर्यटन निगम के होटल राजहंस और सनबर्ड टूरिस्ट रिजाॅर्ट के बैंक खातों से फर्जी हस्ताक्षर के जरिए करीब 95.55 लाख रुपये की सरकारी धनराशि निकालने का मामला सामने आया है। इस संबंध में सूरजकुंड थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर धोखाधड़ी और आपराधिक गबन से संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

महाप्रबंधक को शामिल कर कमेटी गठित की

होटल राजहंस के सहायक महाप्रबंधक एवं फरीदाबाद जोन के जोनल हेड हरविंदर सिंह यादव ने शिकायत में बताया कि वर्ष 2025 में पर्यटन विभाग के अलग-अलग काॅम्प्लेक्स से फर्जी चेक जारी कर सरकारी धनराशि निकाले जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद पर्यटन विभाग चंडीगढ़ की ओर से मामले की जांच के लिए मुख्य लेखा अधिकारी, मुख्य अभियंता और महाप्रबंधक को शामिल करते हुए एक कमेटी गठित की गई थी।

फर्जी हस्ताक्षर कर रकम अन्य खातों में ट्रांसफर की

कमेटी ने तीन अगस्त 2026 को अपनी रिपोर्ट सौंपी। इसमें वित्तीय वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के दौरान फरीदाबाद स्थित दोनों पर्यटन इकाइयों के बैंक खातों से संदिग्ध लेनदेन सामने आने की बात कही गई। आरोप है कि चेक पर अधिकृत अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर कर रकम अन्य खातों में ट्रांसफर की गई।

145 चेक का विवरण दिया गया

शिकायत में होटल राजहंस के एचडीएफसी बैंक खाते और सनबर्ड टूरिस्ट रिजार्ट के बैंक खाते से जुड़े कुल 145 चेक का विवरण दिया गया है। इनमें अलग-अलग तारीखों पर हजारों से लेकर दो लाख रुपये तक की रकम शामिल है। शिकायतकर्ता ने कुल 95,55,941 रुपये की धनराशि के कथित गबन का आरोप लगाया है।

बैंककर्मियों की भूमिका की जांच करेंगे

शिकायत में तत्कालीन अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं के रूप में उमा शंकर भारद्वाज, डीजीएम और नरेश अरोड़ा, लेखा पर्यवेक्षक का नाम भी दिया गया है।

शिकायतकर्ता ने मामले में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

जांच अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि पुलिस अब संदिग्ध चेक, बैंक खातों में हुए लेनदेन और संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका की जांच करेगी।

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