फरीदाबाद में स्वीपिंग मशीनों में लगेंगे जीपीएस और कैमरे, सेंसर बंद होने पर कटेगा भुगतान
फरीदाबाद नगर निगम स्वच्छता सर्वेक्षण से पहले सफाई व्यवस्था सुधार रहा है। स्वीपिंग मशीनों में जीपीएस ट्रैकर और चार हाई-टेक ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर। सौजन्य- AI Generated
HighLights
प्रदेश सरकार की ओर से जारी किए गए निगम को आदेश
सेंसर बंद होने पर ₹1250 प्रति घंटे जुर्माना लगेगा
स्वच्छता सर्वेक्षण हेतु फरीदाबाद की नई पहल
जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू होने से पहले नगर निगम अपनी तैयारियों को पूरी तरह से दुरुस्त करना चाहता है। इसके लिए सबसे पहले स्वीपिंग मशीनों को ट्रैकिंग शुरू की जाएगी। स्वीपिंग मशीनों में जीपीएस ट्रैकर लगाए जाएंगे। मशीन के दोनों तरफ कैमरे भी लगेंगे।
नगर निगम के अनुसार शहर में चलने वाली सभी स्वीपिंग मशीनों पर चार-चार हाईटेक कैमरे लगेंगे। यह कैमरे आगे, पीछे की दिशा में निगरानी करेंगे। जिससे मशीन की कार्यप्रणाली पूरी तरह रिकॉर्ड होगी। इस फुटेज को कंट्रोल रूम में मानिटर किया जाएगा ताकि अधिकारियों को रियल टाइम में सफाई की स्थिति का आकलन मिल सके।
नई व्यवस्था के तहत यदि किसी मशीन का सेंसर बंद पाया गया तो संबंधित एजेंसी का भुगतान रोक दिया जाएगा। इसके साथ ही 1250 रुपये प्रति घंटे की दर से जुर्माना लगाया जाएगा। पहले अक्सर शिकायत मिलती थी कि मशीनें केवल सड़कों पर चलाई जाती हैं। ब्रश नीचे नहीं किया जाता। अब सेंसर आधारित सिस्टम इस तरह की लापरवाही तुरंत पकड़ लेगा।
धूल को लेकर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम जता चुकी नाराजगी
सड़कों पर जमी धूल को लेकर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम अपनी आपत्ति जता चुकी है। बोर्ड की टीम ने पिछले दिनों शहर की 30 से अधिक सड़कों का निरीक्षण किया था। जिसमें 17 सड़कों पर भारी मात्रा में धूल जमा होने को लेकर नाराजगी जताई थी।
इस दौरान निगम अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कुछ सुझाव दिए गए थे। बोर्ड के अधिकारियों ने यह भी सवाल उठाया था कि जब स्वीपिंग मशीन काम कर रही है तो सड़कों पर धूल कैसे जमा है।
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