फरीदाबाद में राहत के इंतजार में ढाई लाख प्रॉपर्टी मालिक, नहीं बन पा रही आईडी
फरीदाबाद में ढाई लाख संपत्ति मालिक अपनी प्रॉपर्टी आईडी बनने का इंतजार कर रहे हैं। 50 गज से कम या ...और पढ़ें

HighLights
ढाई लाख संपत्ति मालिक फरीदाबाद में आईडी बनने का इंतजार
50 गज से कम और जीपीए वाली संपत्तियों पर रोक
निगम को राजस्व हानि, प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री ठप
जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। शहर में ढाई लाख प्रॉपर्टी मालिक अपनी आईडी बनाने के लिए सरकार से राहत मिलने के इंतजार में हैं। यह प्रॉपर्टी धारक वह है। जिनकी प्रॉपर्टी 50 गज से कम है। या फिर इन्होंने अपनी प्रॉपर्टी का जीपीए करवाया हुआ है। प्रदेश सरकार की ओर से सब डिवीजन की आईडी पर रोक लगाई हुई है।
निगम की ओर से सरकार को दो बार पत्र लिखकर छोटे प्लॉटों की आईडी बनाने को लेकर दो माह पहले मार्गदर्शन मांगा गया था। लेकिन सरकार की ओर से अभी तक कोई जवाब नहीं दिया गया है।
निगम पार्षद भी इस मामले को सदन में दो बार उठा चुके हैं। इसके साथ ही शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल को भी इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है। इसके साथ ही टैक्स नहीं जमा होने से निगम को हर साल 10 से 12 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है।
प्लानिंग ब्रांच को सबडिवीजन करने की जिम्मेदारी
नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार शहर में साढ़े सात लाख प्रॉपर्टी मालिक है। इनमें से ढाई लाख प्रॉपर्टी मालिक ऐसे है। जिनके पास 50 गज से छोटे प्लॉट है। इन्होंने यह प्लॉट सबडिवीजन के तहत खरीदे हैं। नियम के अनुसार प्रॉपर्टी आईडी बनवाने के लिए सबडिवीजन करवाना अनिवार्य है।
सबडिवीजन करने की जिम्मेदारी प्लानिंग ब्रांच को दी गई है। लोग जब सबडिवीजन कराने को लेकर प्लानिंग ब्रांच के पास जा रहे हैं। लेकिन प्लानिंग ब्रांच के अधिकारियों को सबडिवीजन को लेकर जानकारी नहीं है।
आईडी नहीं बनने से मकानों की खरीद बिक्री नहीं कर पा रहे लोग
प्रॉपर्टी आईडी नहीं बनने से छोटे प्लॉटों की खरीद बिक्री पूरी तरह से रूक गई है। इसके साथ ही निगम को भी टैक्स जमा नहीं होने से राजस्व का नुकसान हो रहा है। लोगों का कहना है कि प्रॉपर्टी आईडी न केवल खरीद बिक्री बल्कि बैंक से संबंधित कामों के लिए भी अनिवार्य होती है। आईडी नहीं बनने की वजह से लोगों का सीवर और पानी का कनेक्शन भी पास नहीं हो पा रहा है।
सरकार को दो बार पत्र लिखकर छोटे प्लॉटों की प्रॉपर्टी आईडी बनाने को लेकर मार्गदर्शन मांगा गया है। लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। ऐसे में जो लोग आईडी बनवाना चाहते हैं। उनको प्लानिंग ब्रांच से सबडिवीजन पास कराना ही होगा।
सलोनी शर्मा, अतिरिक्त आयुक्त, नगर निगम
