नमो भारत रैपिड रेल Vs एलिवेटेड पुल: फरीदाबाद में एक ही रूट पर दो बड़े प्रोजेक्ट्स ने बढ़ाई इंजीनियरिंग चुनौती
फरीदाबाद में नमो भारत रैपिड रेल और पूर्वी-पश्चिमी एलिवेटेड पुल, दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं के रूट बाटा पुल के पास आपस ...और पढ़ें

फरीदाबाद का बाटा चौक, यहीं से दोनों परियोजनाएं गुजरेंगी। फोटो: जागरण
HighLights
नमो भारत रैपिड रेल और एलिवेटेड पुल का रूट टकराव
फरीदाबाद में दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए बड़ी चुनौती
अधिकारी समाधान हेतु मंथन कर रहे, समानांतर क्रियान्वयन की उम्मीद
प्रवीन कौशिक, फरीदाबाद। जिले में दो अहम परियोजनाओं का एक ही रूट तय होने से परेशानी पैदा हो गई है। किसी भी योजना को न तो टाला जा सकता और न ही इसके रूट में बदलाव किया जा सकता है।
इनमे से एक योजना पूर्वी शहर को पश्चिमी शहर से जोड़ने वाली है तो दूसरी गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा की कनेक्टिविटी वाली नमाे भारत रैपिड रेल परियोजना है। दोनों का बाटा पुल के पास से ही रूट तय किया गया है।
अब फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के सामने बड़ी चुनौती है कि दोनों योजनाओं को एक साथ कैसे धरातल पर उतारा जाएगा। इस मामले को लेकर अधिकारी मंथन कर रहे हैं लेकिन फिलहाल उलझन में हैं।

एक ही रूट पर आ गई हैं दोनों परियोजनाएं। फोटो: एआई जनरेटेड
नमो भारत रैपिड रेल परियोजना
एनसीआर के कई शहरों की सुगम कनेक्टिविटी के लिए नमो भारत रैपिड रेल परियोजना बनाई गई है। इस योजना के तहत गुुरुग्राम से फरीदाबाद होते हुए रैपिड रेल नोएडा के सेक्टर 142 और सूरजपुर तक जाएगी।
जिले में इस परियोजना की लागत करीब 3700 करोड़ आएगी। पहले तैयार की गई डीपीआर में गुरुग्राम में इफको चौक से अरावली होते हुए सैनिक कालोनी और बाटा चौक होते हुए ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर-85 और फिर यहां से नोएडा वाला रूट है।

लेकिन नए प्रस्तावित रूट के तहत सैनिक काॅलोनी से अनखीर चौक, बड़खल चौक और फिर ग्रेटर फरीदाबाद होते हुए आगे नोएडा तक है। अधिकारियों का मानना है कि नए रूट से छह किलोमीटर के रास्ते की बचत हो जाएगी। साथ ही अंडरग्राउंड की बजाए एलिवेटेड रूट पर काम करना आसान होगा।
पूर्वी-पश्चिमी शहर की कनेक्टिविटी
पूर्वी-पश्चिमी शहर की कनेक्टिविटी के लिए एलिवेटेड पुल की शुरुआत सैनिक काॅलोनी से होते हुए मस्जिद चौक को पार कर प्याली-हार्डवेयर चौक से होते हुए सीधे बाटा रेलवे पुल को पार कर कोर्ट रोड से होते हुए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होगा।
इस परियोजना पर 682.48 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस परियोजना से शहर में एक स्थान से दूसरी जगह जाना बेहद आसान हो जाएगा। पूर्वी-पश्चिमी फरीदाबाद कनेक्टिविटी वाली परियोजना की डीपीआर तो बीते साल ही बन गई थी। इसके बजट को भी मुख्यमंत्री स्वीकृति दे चुके हैं।
हाल ही में प्राधिकरण की सातवीं बैठक में भी मुख्यमंत्री ने इस परियोजना पर जल्द काम शुरू करने के आदेश दिए हैं। रैपिड रेल परियोजना पर भी इसी साल काम शुरू होने की उम्मीद है। इसके लिए भी सरकार गंभीर है। अधिकारियों के अनुसार दोनों परियोजनाएं सिंगल पिलर पर होंगी। इसलिए पूरी उम्मीद है कि दिक्कत नहीं आएगी।
दोनों ही परियोजनाएं काफी महत्वपूर्ण हैं। लेकिन रूट एक ही है, इसलिए चुनौती सामने आ गई है। लेकिन इस मामले को लेकर जल्द बैठक की जाएगी। जल्द समाधान निकाल लिया जाएगा। कोशिश रहेगी कि दोनों परियोजनाएं समानांतर रखा जाए।
- प्रवीण चौधरी, मुख्य अभियंता, फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण
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