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बच्चा स्कूल पहुंचा या किया बंक? फरीदाबाद के सरकारी स्कूल का स्मार्ट सिस्टम घरवालों को देगा पल-पल की जानकारी

Published: Thu, 24 Sep 2026 07:51 PM (IST)

फरीदाबाद के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल ने विद्यार्थियों की सुरक्षा और उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक पंचिंग और स्मार्ट ...और पढ़ें

फरीदाबाद के सेक्टर-10 स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में विद्यार्थियों के लिए बायोमेट्रिक पंचिंग सिस्टम और स्मार्ट आई कार्ड की सुविधा शुरू की गई है। जागरण

फरीदाबाद के सेक्टर-10 स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में विद्यार्थियों के लिए बायोमेट्रिक पंचिंग सिस्टम और स्मार्ट आई कार्ड की सुविधा शुरू की गई है। जागरण

HighLights

  1. फरीदाबाद सरकारी स्कूल में बायोमेट्रिक पंचिंग, स्मार्ट आई-कार्ड सुविधा शुरू।

  2. एंट्री-एग्जिट पर अभिभावकों को मिलेगा तुरंत एसएमएस अलर्ट।

  3. आई-कार्ड में जीपीएस सुविधा से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित।

जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। सेक्टर-10 स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल ने निजी स्कूलों को भी पीछे छोड़ दिया है। स्कूल में अब विद्यार्थियों के लिए बायोमेट्रिक पंचिंग सिस्टम और स्मार्ट आई कार्ड की सुविधा शुरू की गई है। स्कूल प्रबंधन का दावा है कि इस तरह की व्यवस्था शुरू करने वाला यह प्रदेश का पहला सरकारी स्कूल है। विद्यार्थियों के स्कूल में एंट्री और एग्जिट पर अभिभावकों के फोन पर मैसेज प्राप्त होगा।

अभिभावकों का दर्ज है मोबाइल नंबर

सेक्टर-10 का सरकारी स्कूल दो शिफ्टों में संचालित होता है। इसमें पहली से बारहवीं तक के विद्यार्थियों की संख्या 800 से अधिक है। इस सिस्टम के तहत स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को विशेष आई-कार्ड दिए गए हैं। कार्ड पर विद्यार्थी का नाम, पता, कक्षा और अभिभावक का मोबाइल नंबर दर्ज है।

बंक करने वाले छात्रों पर पाबंदी

विद्यार्थी जब स्कूल पहुंचकर अपना आई-कार्ड पंचिंग मशीन पर लगाता है तो उसके अभिभावक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस पहुंच जाता है। इसमें जानकारी दी जाती है कि उनका बच्चा स्कूल पहुंच गया है।

इसी तरह स्कूल की छुट्टी के बाद विद्यार्थी जब दोबारा पंचिंग मशीन पर कार्ड लगाता है तो अभिभावक के मोबाइल पर फिर से संदेश पहुंच जाता है। इससे परिवार को पता चल जाता है कि उनका बच्चा स्कूल में सुरक्षित है, स्कूल के बहाने बंक पर तो नहीं जा रहा।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर की पहल

आई कार्ड में जीपीएस सुविधा भी दी गई है। इसके जरिए विद्यार्थी की लोकेशन को ट्रेस किया जा सकता है। इस सुविधा से खासकर छात्राओं की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों को अतिरिक्त भरोसा मिलेगा।

स्कूल की ओर से यह व्यवस्था हाल ही में शुरू की गई है और इसके जरिए विद्यार्थियों की स्कूल पहुंचने और निकलने की जानकारी अभिभावकों तक पहुंचाई जा रही है। पहले नौंवी से बारहवीं के विद्यार्थियों के कार्ड बनाने तथा डाटा मशीन में अपडेट करने का कार्य किया जा रहा है।

इसके बाद पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों के भी कार्ड बनाए जाएंगे। स्थानीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल के सहयोग से स्कूल में यह व्यवस्था लागू की गई है।

"विद्यार्थियों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना ही शिक्षा विभाग की प्राथमिकता है। सुरक्षा के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है। स्कूल को आने वाले समय में और ज्यादा हाईटेक बनाने की योजना है। स्कूल परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। विद्यार्थियों के लिए आधुनिक लैब की सुविधा भी उपलब्ध है।"

-रामवीर शर्मा, प्रिंसिपल, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल।

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