विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

पत्नी की मांग में सिंदूर, गले में मंगलसूत्र और सामने पति खुद खड़ा; फिर भी फरीदाबाद के अफसर नहीं मान रहे जिंदा

Published: Thu, 24 Sep 2026 03:30 PM (IST)

फरीदाबाद में तरुण नामक व्यक्ति को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया है, जबकि वह जीवित है। वह ...और पढ़ें

HighLights

  1. तरुण को परिवार पहचान पत्र में मृत घोषित किया गया

  2. जीवित होने के बावजूद सरकारी रिकॉर्ड में मृत माना जा रहा

  3. समाधान शिविर में भी नहीं मिली समस्या का हल

जागरण संवाददाता, फरीदाबाद। माथे पर सिंदूर और गले में मंगलसूत्र... सामने पति भी जिंदा खड़ा है। फिर भी सरकारी रिकॉर्ड में तरुण की मौत हो चुकी है।

अब वही तरुण अपने जिंदा होने का सबूत लेकर छह महीने से अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन परिवार पहचान पत्र में दर्ज ‘मौत’ उन्हें सरकारी रिकॉर्ड में जिंदगी नहीं दिला पा रही।

समाधान की उम्मीद में सोमवार को प्रीति और तरुण फिर जिला स्तरीय समाधान शिविर पहुंचे। घंटों इंतजार के बाद जब नंबर आया तो शिविर का समय ही खत्म हो गया। अधिकारियों ने उन्हें एक बार फिर 11 नंबर कमरे में भेज दिया। वहां काउंटर खाली पड़ा था। आखिरकार मायूस दंपती को घर लौटना पड़ा।

जिंदा होने का सबूत, फिर भी रिकॉर्ड में मृत

प्रीति के मुताबिक, करीब छह महीने पहले उन्हें पता चला कि परिवार पहचान पत्र में उनके पति तरुण को मृत दिखा दिया गया है। इसके बाद से दोनों इस गलती को ठीक कराने के लिए लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं।

तरुण के लिए परेशानी सिर्फ रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है। वह जिंदा होने का सबूत देता फिर रहा है, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में उसे मृत माना जा रहा है। सोमवार को भी समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचे, लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी।

नंबर आया तो खत्म हो चुका था समय

समाधान शिविर में अपनी बारी का इंतजार करने के बाद जब दंपती का नंबर आया, तब तक शिविर का समय खत्म हो गया था। अधिकारियों ने उन्हें 11 नंबर कमरे में जाने को कहा। वहां पहुंचने पर काउंटर खाली मिला।

काफी इंतजार के बाद भी कोई समाधान नहीं हुआ। आखिरकार दोनों मायूस होकर वापस घर लौट गए।

Faridabad news 1

गोद में बच्चा, पेंशन की तलाश

इसी समाधान शिविर में ज्योति भी अपनी समस्या लेकर पहुंचीं। उनके पति की करीब एक साल पहले मृत्यु हो चुकी है। अब वह गोद में बच्चे को लेकर विधवा पेंशन बनवाने के लिए भटक रही हैं।

ज्योति की एक और परेशानी है। उनके परिवार को मिलने वाली राशन की सुविधा भी बंद कर दी गई है। ऐसे में वह पेंशन बनवाने और राशन की सुविधा दोबारा शुरू कराने के लिए समाधान शिविर पहुंच रही हैं।

सोमवार-वीरवार लगते हैं समाधान शिविर

फरीदाबाद के लघु सचिवालय, सेक्टर-12 में आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए प्रत्येक सोमवार और वीरवार को सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक जिला स्तरीय समाधान शिविर लगाए जा रहे हैं।

इन शिविरों में परिवार पहचान पत्र, राशन कार्ड, स्वास्थ्य एवं शिक्षा, प्रॉपर्टी आईडी, भूमि पंजीकरण, पेंशन, बिजली-पानी, पुलिस और अवैध कब्जे से जुड़ी शिकायतें सुनी जाती हैं।

यह भी पढ़ें- फरीदाबाद में महिला की संदिग्ध परिस्थिति में मौत, मायके वालों पर हत्या का आरोप

यह भी पढ़ें- फरीदाबाद के सोतई में भारी पुलिस बल के बीच ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का काम शुरू, विरोध कर रही महिला हिरासत में