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जागरण पड़ताल: फरीदाबाद में सेहत से खिलवाड़, 30% मिठाइयों के सैंपल फेल; नकली घी-खोवा से रहें अलर्ट

Published: Mon, 26 Oct 2026 03:48 PM (IST)

फरीदाबाद में त्योहारी सीजन में मिलावटखोरी का कारोबार चरम पर है, जहां 30% से अधिक खाद्य नमूने फेल हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी अभियान तेज कर दिया है।

फरीदाबाद में फेल हुए 101 फूड सैंपल (AI-Generated image)

फरीदाबाद में फेल हुए 101 फूड सैंपल (AI-Generated image)

HighLights

  1. फरीदाबाद में 30% से अधिक खाद्य नमूने फेल

  2. त्योहारी सीजन में मिलावटखोरी में भारी वृद्धि दर्ज की गई

  3. स्वास्थ्य विभाग ने खाद्य सुरक्षा निगरानी अभियान तेज किया

अनिल बेताब, फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी में मिलावटी खाद्य पदार्थों का बाजार गर्म है। मिलावट का कारोबार लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहा है। खास कर त्योहारी सीजन में मिलावटखोरी बढ़ जाती है। मिठाई विक्रेता इस मामले में मिलावटखोरी का खेल करते हैं।

कई जगह मिठाई के साथ ही अन्य कई खाद्य पदार्थ भी गुणवत्ता से परिपूर्ण नहीं है। विवाह समाराेह और अन्य कार्यक्रमों के दौरान मैरिज गार्डन, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा तथा बैंक्वेट हाल में बनाए जाने वाले खाद्य पदार्थ गुणवत्ता की कसौटी पर खरे नहीं उतर रहे हैं।

निजी अस्पताल भी नहीं गंभीर

निजी अस्पताल भी इस मामले में गंभीर नहीं हैं। अस्पतालों से लिए गए नमूनों में भी गड़बड़ी है पिछले कई वर्षों में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से लिए गए नमूनों की फेल आई रिपोर्ट से इस बात की पुष्टि होती है। मिठाइयों तथा दूध निर्मित अन्य पदार्थ जैसे पनीर तथा देसी घी में मिलावट चल रही है।

ड्राई मिल्क से खोवा बनाया जा रहा है तो वनस्पति, रिफाइंड व खुशबू मिला कर देसी घी तैयार किया जा रहा है। विभाग के रिकार्ड के अनुसार, 30 प्रतिशत से अधिक नमूने फेल आ रहे हैं।

पहले जिले में महीने भर में लगभग 25 नमूने लिए जाते थे। अब स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य सुरक्षा निगरानी अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं। खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त डा. मनोज कुमार ने भी सभी जिला अधिकारियों को नमूने लेने की कार्रवाई तेज करने को कहा है। विभाग ने अब हर महीने 100 से अधिक नमूने लेने की तैयारी की है।

निजी अस्पताल कर रहे सेहत से खिलवाड़

विभाग ने पौने सात साल में निजी अस्पतालों से खाद्य पदार्थों के सिर्फ छह नमूने लिए थे1 इनमें से एक नमूना फेल आया है। इस तरह निजी अस्पताल लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं।

मैरिज गार्डन के खाद्य पदार्थों में में भी गड़बड़ी खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से होटल, रेस्टोरेंट , ढाबा ,बैंक्विट हाल, मैरिज गार्डन से लिए गए नमूनों का ब्योरा-

  • 35 नमूने लिए
  • 12 नमूने फेल आए।

(यह रिपोर्ट एक जनवरी, 2020 से 10 अक्टूबर, 2026 तक की है)।

जिले में लिए गए मिठाइयों व अन्य पदार्थों के नमूनों की रिपोर्ट

  •  332, कुल लिए गए नमूने
  •  101, फेल आए।

(एक जनवरी, 2024 से 10 अक्टूबर, 2026 तक की रिपोर्ट)

कोर्ट में लंबित हैं 125 केस

जिले में बिना लाइसेंस व्यवसाय करने, असुरक्षित खाद्य पदार्थ बेचने तथा नमूने फेल आने के कुल 262 केस कोर्ट में दर्ज किए गए थे।

  • 137 केस में निर्णय हो चुका है।
  • 125 केस काेर्ट में लंबित हैं।

निजी अस्पताल कर रहे सेहत से खिलवाड़

विभाग ने पौने सात साल में निजी अस्पतालों से खाद्य पदार्थों के सिर्फ छह नमूने लिए थे1 इनमें से एक नमूना फेल आया है। इस तरह निजी अस्पताल लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं।

  • 06, निजी अस्पताल से लिए नमूने।
  • 01- फेल आया नमूना।

'नमूने लेने की कार्रवाई को गति दी जानी चाहिए। अगर किसी मिलावटखोर के यहां लिया गया नमूना फेल आता है तो
सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। नियमित कार्रवाई होगी तो मिलावटखोरों के हौसले पस्त होंगे।'

-अजय सैनी, सामाजिक कार्यकर्ता।

'मिलावटी मिठाइयों से सेहत को नुकसान पहुंच सकता है। कुछ दुकानदार अधिक मुनाफा कमाने के लिए मिठाइयों में मिलावटी खोया, नकली रंग, घटिया तेल और हानिकारक रसायनों का उपयोग करते हैं। ऐसी मिठाइयां खाने से पेट दर्द, उल्टी, दस्त और फूड पाइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक इनका सेवन करने से लिवर और किडनी पर भी बुरा प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए सावधानी बरतें और विश्वसनीय दुकानों से ही मिठाइयां खरीदनी चाहिए।'

-डा. सुमित वर्मा, इंटरनल मेडिसन, मेडिकल अस्पताल।

'हम नियमित रूप से नमूने लेने की कार्रवाई करते हैं। त्योहारी सीजन में छापेमारी बढ़ा दी जाती है। नमूने फेल आने पर कोर्ट में मामला भी दर्ज कराया जाता है। लोग जागरूक रहें और कम कीमत के चक्कर में हल्की क्वालिटी की मिठाइयां न खरीदें।'

-पृथ्वी सिंह, पदेन अधिकारी, खाद्य औषधि प्रशासन विभाग।

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