झूला हादसे के बाद एक्शन में सरकार, CM सैनी ने तलब की जांच रिपोर्ट; घायलों को 1 लाख मुआवजे का एलान
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सूरजकुंड मेले में हुए हादसे के बाद सभी सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा मानकों की सख्ती ...और पढ़ें

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प्रवीन कौशिक, फरीदाबाद। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में हादसे पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मेले और अन्य सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा मानकों की सख्ती से पालना सुनिश्चित की जाए।
सभी झूलों व उपकरणों की तकनीकी जांच, फिटनेस प्रमाणन और संचालन व्यवस्था की व्यापक समीक्षा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राज्य सरकार पीड़ित परिवारों और घायलों को हर संभव सहयोग और सहायता उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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बलिदान हुए इंस्पेक्टर के प्रति व्यक्त की संवेदना
हादसे में बलिदान हुए इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने घायलों के स्वास्थ्य की स्थिति की समीक्षा करते हुए जानकारी दी कि सुप्रीम अस्पताल में भर्ती आठ घायलों में से चार मरीजों को उपचार के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है, जबकि चार का इलाज जारी है। इसके अतिरिक्त बीके सिविल अस्पताल में भर्ती चार घायलों को भी उपचार उपरांत छुट्टी दे दी गई है।
उन्होंने घोषणा की कि गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को राज्य सरकार की ओर से एक-एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही अन्य घायलों को भी नियमानुसार सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी।
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