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बल्लभगढ़ में प्रदूषण का खतरनाक स्तर, फरीदाबाद की हवा भी हुई जहरीली

Published: Fri, 06 Nov 2026 05:00 AM (IST)

बल्लभगढ़ में प्रदूषण का स्तर खतरनाक श्रेणी में पहुंच गया है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 350 दर्ज किया गया, ...और पढ़ें

बल्लभगढ़ में प्रदूषण का खतरनाक स्तर (एआई जेनरेटेड इमेज )

बल्लभगढ़ में प्रदूषण का खतरनाक स्तर (एआई जेनरेटेड इमेज )

HighLights

  1. बल्लभगढ़ का AQI 350, देश में चौथा सबसे प्रदूषित शहर।

  2. निर्माण कार्य, औद्योगिक धुआं, कूड़ा जलाना प्रदूषण के मुख्य कारण।

  3. नगर निगम के इंतजाम अपर्याप्त, सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल।

दीपक पांडेय, फरीदाबाद। बल्लभगढ़ में प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। शहर की हवा बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई है, लेकिन प्रदूषण रोकने के लिए नगर निगम की व्यवस्थाएं पर्याप्त नजर नहीं आ रही हैं।

बृहस्पतिवार को जारी वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के अनुसार, बल्लभगढ़ का एक्यूआई 350 दर्ज किया गया। देश के सबसे प्रदूषित शहरों में बल्लभगढ़ चौथे स्थान पर रहा। बल्लभगढ़ में इन दिनों कई जगह निर्माण कार्य चल रहे हैं। मोहना फ्लाईओवर का निर्माण भी जारी है।

हवा हो रही प्रदूषित

निर्माण स्थलों पर उड़ने वाली धूल आसपास के इलाकों की हवा को प्रभावित कर रही है। शहर की सड़कों और किनारों पर धूल जमा रहती है। नियमित सफाई और धूल नियंत्रण के इंतजाम पर्याप्त नहीं होने से वाहनों के गुजरने पर धूल हवा में फैलती है।

इसके साथ ही इस इलाके में औद्योगिक क्षेत्र भी बड़ी संख्या में हैं। यहां संचालित औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला धुआं और अन्य प्रदूषक भी हवा की गुणवत्ता को प्रभावित कर रहे हैं।

लगई जा रही कूड़े में आग 

सड़क पर पडे हुए कूड़े में जगह-जगह आग लगाई जा रही है। जिसकी वजह से हवा जहरीली हो रही है। निगम की ओर से कूड़े में लगने वाली आग को रोकने के कोई ठोस इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं।

बीपीटीपी एफ ब्लॉक आरडब्ल्यूए प्रधान रविंद्र चौधरी ने बताया कि बृहस्पतिवार को खेड़ीपुल से पल्ला की तरफ जाने वाले आगरा नहर वाली सड़क के किसी ने कबाड़ में आग लगा दी। जिससे सांस लेना मुुश्किल हो गया। इस तरह से आग के मामले अलग-अलग जगहों पर सामने आ रहे हैं।

निगम में इंतजामों पर सवाल 

प्रदूषण का स्तर बढ़ने के बावजूद शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं। सड़क किनारे जमा धूल को हटाने और निर्माण स्थलों पर नियमों का पालन कराने की जरूरत है। नगर निगम की ओर से सड़कों की नियमित सफाई, पानी का छिड़काव और धूल उड़ने से रोकने के इंतजाम प्रभावी तरीके से किए जाने चाहिए।

इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों की निगरानी भी जरूरी है। नगर निगम के कार्यकारी अभियंता अजय पंघाल ने बताया कि लगातार छिड़काव किया जा रहा है। एंटी स्माग गन और पानी के टैंकरों के फेरे बढ़ाए गए हैं।

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