अहमदाबाद, जेएनएन। Nityananda Case. स्वयंभू बाबा नित्यानंद के अहमदाबाद स्थित आश्रम में दो बालकों को बंधक बनाने के आरोप में 23 दिनों से जेल में बंद नित्यानंद की सेविकाओं प्राण प्रिया और प्रियतत्वा की जमानत याचिका न्यायालय ने खारिज कर दी है। दोनों ने ग्रामीण न्यायालय से स्थायी जमानत देने की गुहार लगाई थी। न्यायाधीश ने तमाम दलीलों को सुनने के बाद कहा कि आश्रम में आस्ता के नाम पर लोगों का शोषण किया जाता है।

आश्रम में से दो बच्चों को मुक्त कराया गया है। पुलिस रिपोर्ट में भी सामने आया है कि आश्रम में बच्चों को बंधकर बनाकर रखा गया था। यह एक गंभीर प्रकार का अपराध है। आरोपितों को जमानत नहीं मिलनी चाहिए। अहमदाबाद सत्र न्यायालय ने इसी मामले में एक दिन पहले दिल्ली पब्लिक स्कूल की प्रिंसीपाल मंजुला श्रॉफ सहित तीन लोगों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद तीनों ने गुजरात हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की है।

गौरतबल है कि अहमदाबाद के हाथीजण इलाके में स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल की प्रिंसीपाल मंजुला श्रॉफ नित्यानंद की भक्त है। उन्होंने अवैध रूप से स्कूल परिसर में नित्यानंत को आश्रम बनाने की मंजूरी दी थी। इसके बाद डीपीएस स्कूल विविध पहलुओं पर भी जांच शुरू हुई थी। जांच से स्पष्ट हुआ था कि जाली एनओसी द्वारा 10 वर्ष पूर्व डीपीएस ईस्ट की शुरुआत की गई थी। डीपीएस ईस्ट की प्रबंध निदेशक व सीईओ ने 1750 छात्रों के भविष्य को अंधकारमय बना दिया था। सीबीएसइ ने भी इस स्कूल की मान्यता रद कर दी है।

इस आश्रम के खिलाफ गत दिनों बेंगलुरू की एक दंपति ने शिकायत दर्ज करवाई थी, उनके बच्चे आश्रम में है और उन्हें मिलने नहीं दिया जाता है। आश्रम से उनकी दो लड़कियां भी लापता हैं। शिकायत के बाद पुलिस व प्रशासन ने आश्रम में छापा मारा। पुलिस ने यहां से बंधक बनाकर रखे गए बच्चों का खुलासा किया। पुलिस ने अपने परिवार के साथ जाना चाहते दो बच्चों को छुड़ाया। हालाकि दंपति की दो लड़कियां नहीं मिली। पुलिस ने आश्रम की संचालिका प्राणप्रिया और प्रियतत्वा को गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस नित्यानंद खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया है।

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Posted By: Sachin Mishra

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