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12,070 किमी. की दूरी, कोई बाउंड्री लाइन नहीं... फिर भी अमेरिकी सीमा पर पकड़े गए लोगों की लिस्ट में तीसरे नंबर पर भारतीय

Published: Sat, 07 Nov 2026 12:48 PM (IST)

भारतीय अवैध रूप से अमेरिका में प्रवेश करने के प्रयास में पकड़े जाने वालों में तीसरे स्थान पर हैं, जबकि गुजरातियों की संख्या सबसे अधिक है।

अमेरिकी सीमा पर पकड़े गए भारतीय। (फाइल फोटो।)

अमेरिकी सीमा पर पकड़े गए भारतीय। (फाइल फोटो।)

HighLights

  1. अमेरिकी सीमा पर पकड़े गए लोगों में भारतीय तीसरे स्थान पर।

  2. गुजरातियों की संख्या सर्वाधिक, 'डंकी रूट' का उपयोग।

  3. ट्रंप की नीतियों से अवैध आव्रजन में भारी कमी।

डिजिटल डेस्क, अहमदाबाद। अमेरिका और भारत के बीच लगभग 12,070 किलोमीटर की दूरी है, लेकिन इससे भारतीयों को अवैध रूप से अमेरिका में घुसने की कोशिश करने से रोकने में कोई खास मदद नहीं मिली है।

यूएससीबीपी के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप द्वारा अवैध आप्रवासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई के बाद इसमें भारी कमी आई है। इसके बावजूद, वित्त वर्ष 2026 में अमेरिकी सीमा अधिकारियों द्वारा पकड़े गए 21 देशों के लोगों में भारतीय तीसरे नंबर पर रहे।

गुजरातियों की सबसे ज्यादा संख्या

30,528 की यह संख्या मेक्सिको और कनाडा को छोड़कर बाकी सभी देशों से अधिक है, जबकि ये दोनों देश अमेरिका के साथ अपनी जमीनी सीमा साझा करते हैं। अवैध आव्रजन नेटवर्क की जानकारी रखने वाले सूत्रों के अनुसार, इस रास्ते से जाने की कोशिश करने वालों में बड़ी संख्या गुजरातियों की है, साथ ही पंजाब और आंध्र प्रदेश के लोग भी इसमें शामिल हैं।

हाल के वर्षों में सख्त कार्रवाई और कई दुखद घटनाओं के बावजूद लोग अभी भी इस अवैध रास्ते से जाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे आमतौर पर डंकी रूट कहा जाता है। केवल गुजरात से, 2022 से 2025 के बीच इस रास्ते से अमेरिका पहुंचने की कोशिश के दौरान कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 11 अन्य लोग घायल हुए हैं या लापता हैं।

नंबर वन पर मेक्सिको

इस सूची में मेक्सिको सबसे ऊपर है, जहां सीमा पर 1,23,039 मामले सामने आए। इसके बाद कनाडा का नंबर आता है, जहां 37,700 मामले दर्ज किए गए। भारत इस मामले में चीन से आगे है, जहां 29,818 मामले सामने आए।

हालांकि पिछले तीन वर्षों में भारत शीर्ष तीन देशों में बना रहा है, लेकिन इस दौरान इसके आंकड़ों में भारी गिरावट आई है। अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (CBP) के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024 में भारतीय नागरिकों से जुड़े 90,415 मामले दर्ज किए गए।

आंकड़ों में गिरावट

यह आंकड़ा वित्त वर्ष 2025 में घटकर 34,146 रह गया और वित्त वर्ष 2026 (अक्टूबर 2025 से सितंबर 2026) में और कम होकर 30,528 हो गया जो वित्त वर्ष 2024 के मुकाबले लगभग 66 प्रतिशत की गिरावट है। यह कमी ट्रंप द्वारा लागू किए गए सख्त आव्रजन नियमों के समय के साथ मेल खाती है।

यह गिरावट एक वैश्विक रुझान का हिस्सा है। सीबीपी ने वित्त वर्ष 2026 में कुल 3,82,490 बॉर्डर एनकाउंटर दर्ज किए, जो वित्त वर्ष 2025 में दर्ज किए गए 6,91,906 मामलों से लगभग 45 प्रतिशत कम हैं। पिछले वर्षों में ये आंकड़े काफी अधिक थे। वित्त वर्ष 2024 में 29 लाख और वित्त वर्ष 20233 में 32 लाख मामले सामने आए थे।

अन्य देशों का हाल

अन्य देशों की बात करें तो ग्वाटेमाला से 18,319, फिलीपींस से 17,985 और होंडुरास से 13,005 मामले दर्ज किए गए। ब्राजील से 6,285, रूस से 5,327 और वेनेजुएला से 4,945 मामले सामने आए। अन्य राष्ट्रीयताओं के नागरिकों के कुल 63,678 मामले दर्ज किए गए।

डोनाल्ड ट्रंप ने 5-6 नवंबर 2024 को अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव जीता और 20 जनवरी 2025 को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेकर आधिकारिक तौर पर सत्ता में वापसी की। उनके प्रशासन का मुख्य जोर अमेरिका में अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने पर था।

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