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टीम इंडिया का कप्तान बना 'एक्सिडेंटल एक्टर', सुपरस्टार बनाकर कमा रहा है नाम, जानिए कौन है ये दिग्गज

Published: Tue, 03 Nov 2026 04:54 PM (IST)

भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान आईएम विजयन ने खेल के बाद अभिनय की दुनिया में कदम रखा। उन्हें 'एक्सीडेंटल ...और पढ़ें

भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान रह चुके हैं आईएम विजयन

भारतीय फुटबॉल टीम के कप्तान रह चुके हैं आईएम विजयन 

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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। बेशक भारत ने फुटबॉल में वो सफलता हासिल नहीं की है जो कई और खेलों में हासिल की। विश्व फुटबॉल में भारत की गिनती उच्च स्तर की टीमों में भी नहीं होती, इसमें भी कोई दो राय नहीं है, लेकिन भारतीय फुटबॉल का अपना एक इतिहास रहा है। इसे आगे ले जाने के लिए कई लोगों ने कोशिश की और उनमें से ही एक हैं आईएम विजयन।

भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान विजयन की गिनती देश के महान खिलाड़ियों में होती है। साल 2003-04 में उन्होंने फुटबॉल को अलविदा कह दिया था। इसके बाद विजयन को एक ऐसा प्रस्ताव मिला जिसके दम पर वह रिटायरमेंट के बाद भी जमकर मशहूर हो गए। वह एक्टर बन गए। हमारी खास सीरीज 'स्पोर्ट्स टू स्क्रीन'में आज कहानी विजयन की जो अपने आप को एक्सिडेंटस एक्टर कहते हैं।

फुटबॉल छोड़ने से पहले ही बन गए थे एक्टर

बात साल 2001 की है जब विजयन एक्टिव फुटबॉलर थे और बाईचुंग भूटिया के साथ उनकी जोड़ी के चर्चे थे। वह टीम इंडिया के कप्तान थे और तभी उनको एक फिल्म ऑफर हुई। इस फिल्म का प्रस्ताव सुन विजयन दंग रह गए थे। 11 मई 2011 के रेडिफ में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, विजयन ने अपने एक्टर बनने का किस्सा समाचार एजेंसी रॉयटर्स से साझा किया था। इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, "मैं जयाराज (मशहूर डायरेक्टर) से एक फंक्शन में मिला था। उन्होंने मुझे शंथम के लिए हीरो का रोल ऑफर किया। अभी तक मेरा कैमरे के सामने अनुभव एक फुटबॉल खिलाड़ी के तौर पर ही था।"

यहां से उनका फिल्मी करियर शुरू हुआ और वह मलयालम फिल्मों में आ गए। 2001 में ही उनकी 'आकाशथिले पारावाकल' नाम की फिल्म भी आई। 2004 में वह 'कोटेशन' नाम की फिल्म में नजर आए। अभी तक वह तकरीबन 25 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके हैं।

फुटबॉल में कमाया नाम

फिल्मों में आने से पहले विजयन ने भारतीय फुटबॉल को काफी कुछ दिया। उन्होंने 1992 में भारत के लिए अपना पहला इंटरनेशनल मैच खेला और साल 2003 में एफ्रो-एशियन कप के बाद आधिकारिक तौर पर रिटायर हो गए। एक स्ट्राइकर के तौर पर उन्होंने कई मैच भारत को जिताए और भूटिया के साथ उनकी जोड़ी ने काफी नाम कमाया। भारत के लिए खेले 72 मैचों में उन्होंने 30 इंटरनेशनल गोल किए।

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