Doordarshan के इस सीरियल के शुरू होते ही घबरा जाता था बिजली विभाग, यूपी-बिहार में फूंके जाते थे ट्रांसफॉर्मर
38 साल पहले दूरदर्शन पर ऐसा कल्ट शो आया, जिसके प्रसारण के समय अगर बिजली गुल हुई, तो बिजली विभाग ...और पढ़ें

38 साल पुराने शो का दर्शकों में था जबरदस्त क्रेज/फोटो-इंस्टाग्राम
HighLights
दूरदर्शन का ये शो देखने के लिए दूसरों के घरों के बाहर बैठते थे लोग
38 साल पहले यूपी-बिहार में फूंक दिए जाते थे ट्रांसफॉर्मर
शो के प्रसारण के दौरान लाइट जाने से घबराते थे बिजली विभाग
एंटरटेनमेंट डेस्क,नई दिल्ली। 80 और 90 के दौर में दूरदर्शन (Doordarshan Shows) के सीरियल्स लोगों के लिए सिर्फ एक शो नहीं, बल्कि पूरा इमोशन था। बच्चे जहां अपना पसंदीदा शो देखने के लिए बीमारी का बहाना बनाकर स्कूल से छुट्टी मार लेते थे, तो वहीं महिलाएं अपने घर का काम और पुरुष अपने दफ्तर का काम खत्म करके समय से लौटकर दूरदर्शन पर शोज देखा करते थे।
शक्तिमान-रामायण के 80-90 के दौर में ही एक ऐसा शो दूरदर्शन पर प्रसारित हुआ था, जिसकी दर्शकों के बीच तगड़ी फैन फॉलोइंग थी। शो का क्रेज यूपी और बिहार में इतना ज्यादा था कि बिजली विभाग वाले भी उस एक घंटे में बस इस डर में बैठे रहते थे कि कहीं लाइट न चली जाए। कौन सा था वह शो चलिए बताते हैं।
दूरदर्शन पर इस शो की जबरदस्त थी फैन फॉलोइंग
रामायण के अलावा जिस दूरदर्शन के शो का लोगों में 90 के दौर में जबदस्त क्रेज था और जिसके एक एपिसोड को देखने के लिए लोग 5 पैसे की कीमत चुकाते थे, वह बी.आर.चोपड़ा की 'महाभारत' है। श्री कृष्ण का किरदार अदा करने वाले अभिनेता नितिश भारद्वाज ने एक इंटरव्यू में कहा था, "महाभारत के जब प्रसारण का समय होता था और अगर उस समय 9 से 10 अगर बिहार और उत्तर प्रदेश में लाइट्स चली जाती थी, तो लोग ट्रांसफॉर्मर फूंक देते थे।"
अभिनेता ने आगे कहा था, "महाभारत के क्रेज को देखते हुए बिजली विभाग के लोग उस वक्त इस बात को सुनिश्चित करते थे कि लाइट्स किसी हालत में न जाए, वरना उन लोगों को पब्लिक के गुस्से का सामना करना पड़ेगा।"

एक आदमी रखता था महाभारत की वजह से दो टीवी
इस पुराने इंटरव्यू में नितिश भारद्वाज ने ये भी बताया था कि मराठवाड़ा के एक IAS ऑफिसर ने उन्हें बताया था कि एक आदमी अपने घर में दो टीवी रखता है। उन्होंने कहा, "वह ब्लैक एंड वाइट टीवी और कलर रखता था। जहां ब्लैक एंड वाइट लोगों के लिए फ्री था, तो वहीं कलर टीवी पर महाभारत देखने के लिए लोगों को 5 पैसे देने पड़ते थे। ऑडियंस शो इतना पसंद करती थी कि वह एक एपिसोड के लिए पांच पैसे दे देते थे।"

नितिश भारद्वाज ने शो के क्रेज के बारे में बात करते हुए ये भी बताया था कि उन्हें रामायण और महाभारत का क्रेज इतना था कि मुंबई के घरों में लोग दो-दो टीवी लगाते थे, यहां तक कि लोग दूसरों के घर में कलर टीवी देखने के लिए सीढ़ियों पर बैठ जाते थे।
