मुंबई। भूषण पटेल की फिल्म 'अलोन' के ट्रेलर, गाने और दृश्यों की सोशल मीडिया पर तारीफ हो रही है। इस फिल्म का ट्रेलर आने के बाद बिपाशा बसु के समकालीन कलाकारों ने उनकी तारीफ की और फिल्म के बारे में ट्वीट किया। हाल-फिलहाल किसी हीरोइन की फिल्म को ऐसी प्रशंसा नहीं मिली है।

6 फिल्में साइन कर चुकी हैं ऐश्वर्या!

तारीफ कर रहे हैं दोस्त

इंडस्ट्री के इस रवैये से बिपाशा खुश हैं। उन्हें लगता है कि यह फिल्म दर्शकों को भी पसंद आएगी। वह बताती हैं, 'अभिषेक, शाहरुख और दूसरे दोस्तों ने 'अलोन' का ट्रेलर देखने के बाद एक ही बात लिखी कि अब बिपाशा से 'अलोन' नहीं मिलना है। इस तारीफ से मैं बहुत उत्साहित हूं। सभी जानते हैं कि हॉरर फिल्मों के सीमित दर्शक होते हैं लेकिन इस बार लग रहा है कि 'अलोन' पहले की सारी सीमाएं तोड़ देगी। अगर यह फिल्म ढंग से चल जाए तो हॉरर फिल्मों के लिए बड़ा कदम होगा, हॉरर जॉनर के लिए बहुत अच्छी बात होगी।'

हॉरर में पीछे है हिंदी सिनेमा

हिंदी फिल्मों में हॉरर जॉनर को थोड़ी नीची नजर से देखा जाता है। माना जाता है कि इसमें बी-ग्रेड के डायरेक्टर और एक्टर शामिल होते हैं। इसके विपरीत हॉलीवुड में हॉरर फिल्मों का एक बड़ा बाजार है। उन फिल्मों को पूरी दुनिया में लोग पसंद करते हैं। हिंदी फिल्मों में इसकी दोयम स्थिति क्यों है? बिपाशा स्पष्ट शब्दों में कहती हैं, 'अलोन' में 'राज' और 'राज 3' की तरह एक प्रेमकहानी है। हॉरर में इमोशन के साथ स्पेशल इफेक्ट का बहुत ज्यादा काम होता है। ऐसी फिल्म की शूटिंग की प्लानिंग बहुत बारीकी से करनी पड़ती है। हॉरर सभी के बूते की बात नहीं है। भारत में बहुत कम लोगों ने इस जॉनर में सफलता हासिल की है। हाल-फिलहाल, विक्रम भट्ट के बाद भूषण पटेल का नाम ले सकते हैं। गौर करें तो इस जॉनर में अनंत संभावनाएं हैं। हॉरर का मतलब पर्दे पर सिर्फ डर क्रिएट करना नहीं होता है, डर तो मुख्य भाव होता है। बाकी अन्य कहानियां भी चलती रहती हैं।'

मिले थे सत्तर ऑफर

हॉरर फिल्मों के चुनाव और उनमें अभिनय के अनुभवों के बारे में पूछने पर बिपाशा बेहिचक बताती हैं, 'क्या आप यकीन करेंगे कि किसी समय मुझे 70 हॉरर फिल्मों के ऑफर मिले थे! अगर मैं सारी कहानियां पढ़ती तो डर से मेरी रातों की नींद चली जाती। हॉरर फिल्मों से बनी इमेज को तोड़ने के लिए ही मैंने 'हमशकल्स' की थी। मेरे सहयोगियों ने कहा था कि मुझे अपनी फिल्मों में कुछ गाने भी करने चाहिए। वह मेरे लिए कुंए से निकलकर खाई में गिरने जैसा हो गया। अब मुझे अपनी मर्जी का ही काम करना है। फिल्म इंडस्ट्री में 14 साल पूरे हो गए हैं। अभी मैं जैसी फिल्में कर रही हूं, उनसे खुश हूं। 'आत्मा' भले ही नहीं चली लेकिन उस फिल्म का अनुभव बहुत अच्छा रहा। 'राज 3' मेरे लिए बहुत अच्छा अनुभव था। उस फिल्म के दरम्यान मैंने व्यक्तिगत तौर पर बहुत कुछ सीखा और समझा।'

अभिनेत्री से रेप के आरोप में फिल्म निर्माता गिरफ्तार

रोमांच के साथ रहस्य

बिपाशा बसु ने तय किया था कि वे तुरंत कोई हॉरर फिल्म नहीं करेंगी। 'अलोन' का ऑफर लेकर जब कुमार मंगत पाठक उनसे मिले तो उन्होंने पहली बार तो मना कर दिया। जोर डालने पर स्क्रिप्ट पढ़ी तो लगा कि यह फिल्म कर लेनी चाहिए। कारण पूछने पर वे कहती हैं, 'सबसे पहले तो यह एक प्रेमकहानी है। उसके साथ यह आपस में जुड़ी हुई जुड़वां बहनों की कहानी है। दोनों को एक ही लड़के से प्रेम था। बाद में यह कहानी प्रेम त्रिकोण बन जाती है, जिसमें एक लड़की जिंदा है और दूसरी की मौत हो चुकी है। इसके अलावा इस फिल्म में पति-पत्नी के संबंधों को भी एक्सप्लोर किया गया है। समय बदलने के साथ दांपत्य में अनेक तरह की दिक्कतें आ गई हैं। शादी के बाद प्रेम की नदी सूख जाती है तो फिर से रोमांस का बहाव लाना कितना मुश्किल होता है। इस फिल्म में रोमांच के साथ रहस्य भी है।'

चुनौती थी दोहरी भूमिका

बिपाशा के लिए इस फिल्म की भूमिका काफी चैलेंजिंग रही, क्योंकि उन्हें कई बार साथ-साथ जीवित और मृत लड़कियों की भूमिकाएं निभानी पड़ीं। एक शॉट देने के बाद तुरंत मेकअप और गेटअप बदलना पड़ता था। साथ ही अपने प्रेम के भाव को घृणा और ईर्ष्या में लाना पड़ता था। उनके लिए इमोशनली यह चैलेंजिंग काम था। फिल्म में पहली बार काम कर रहे करण सिंह ग्रोवर के साथ भी उन्हें मैच करना था। बिपाशा पूरे संतोष के साथ कहती हैं, 'यकीन करें, फिल्म बहुत अच्छी बन गई है। हम दोनों के बीच की केमिस्ट्री बहुत हॉट है। यही उम्मीद है कि दर्शक इसे पसंद करेंगे!'

जब बिपाशा ने जॉन अब्राहम पर टाला सवाल

Edited By: Monika Sharma