16 में डेब्यू... 18 में शादी और 19 में मौत; वो हीरोइन जिसने रचा था इतिहास, कैसे एक पहेली बनकर गईं Divya Bharti?
Divya Bharti Birth Anniversary: हिंदी सिनेमा की वो 'गुड़िया' जिसने पर्दे पर आते ही 90 के दशक में हर किसी ...और पढ़ें

कैसे एक अनसुलझी पहेली बनकर रह गईं दिव्या भारती?

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। 16 साल की उम्र में कोई पर्दे पर आता है तो और ऐसा जादू करता है कि पूरी दुनिया को वो दीवाना बना लेती है। बड़ी आंखें, घुंघराले बाले और बिल्कुल गुड़िया जैसी मासूम दिखने वाली वो हीरोइन, जो कम उम्र में सिनेमा में आ गई और एक ऐसा नाम बनाकर गई कि आज भी हम उसका जिक्र करते है। महज एक साल के अंदर उस हीरोइन ने 10 से ज्यादा फिल्में दीं और उसे सिनेमा की अगली श्रीदेवी माना जाने लगा। फिर कैसे 19 साल की उम्र में सफलता के सैर सपाटा करके वो मौत की नींद सो गई। उस खूबसूरत हीरोइन की मौत की पहेली आज भी वैसी ही है।
सिनेमा में ऐसे आईं दिव्या भारती
भारतीय सिनेमा में 90 के दशक में यूं तो कई एक्ट्रेसेस थीं, लेकिन कहा जाता है कि अगर दिव्या भारती (Divya Bharti) होंती, तो शायद वो ना जाने कितनों का करियर खा जातीं। महज 3 साल के अंदर दिव्या भारती ने हिट फिल्में दे दीं, प्यार कर लिया, शादी भी कर ली और फिर मौत ने उन्हें अपने आगोश में भी ले लिया।
दिव्या का जन्म 25 फरवरी 1974 के दिन हुआ था। उनके पिता ओमप्रकाश भारती बीमा कंपनी में काम करते थे और मां हाउसवाइफ थीं। दिव्या ने सिर्फ 9वीं क्लास पढ़ाई की थी। एक इंटरव्यू में उनकी मां ने बताया था कि पढ़ाई में उनका बिलकुल मन नहीं लगता था। दिव्या ने महज 16 साल की उम्र में अपने करियर की शुरुआत तेलुगु फिल्म 'बोब्बिली राजा' से की, जो 1190 में आई और एक ब्लॉकबस्टर फिल्म रही। इसके बाद उन्होंने साउथ में कई हिट फिल्में दीं, जैसे 'असेंबली राउडी' और 'राउडी अल्लुडू'।
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बॉलीवुड में आते ही चमका दिव्या का करियर
साउथ से होते हुए दिव्या की राह बॉलीवुड की तरफ आ गई। अब क्योंकि दिव्या बेहद खूबसूरत थीं, तो ऐसे में फिल्ममेकर्स और हर किसी की नजरें उन्हीं पर आकर ठहर जाती थीं। उस दौर में माधुरी दीक्षित और श्रीदेवी जैसी हीरोइनों का दबदबा था, तो वहीं जूही चावला भी इस फेहरिस्त में शामिल थीं।
दिव्या ने साल 1992 में उन्होंने फिल्म 'विश्वात्मा' से हिंदी सिनेमा में कदम रखा। इस फिल्म में यूं तो कई स्टार्स थे, लेकिन महज एक गाना दिव्या के करियर का नहीं बल्कि बॉलीवुड का सबसे बड़ा गाना बन गया। फिल्म के गाने सात समंदर पार (Saat Samandar paar Song) में दिव्या ने ऐसा काम किया कि देखने वाले देखते रह गए और ये गाना भी हर पार्टी की जान है।
महज 3 साल में दीं कई ब्लॉकबस्टर फिल्में
दिव्या भारती का करियर बॉलीवुड में चल पड़ा था। बड़ी-बड़ी फिल्में दिव्या को मिल रही थीं। साल 1992 तो मानो दिव्या के करियर के लिए लकी जैकपॉट रहा। उन्होंने एक ही साल में लगभग 14 फिल्में साइन की थीं, जो एक रिकॉर्ड है। इसमें दीवाना भी शामिल थी, वही फिल्म जिसने शाह रुख खान (Shah rukh khan) को स्टार बनाया।
इस फिल्म में दिव्या और शाह रुख की जोड़ी इतनी पसंद की गई कि फिल्म हिट रही। इस फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर का 'न्यू फेस ऑफ द ईयर' अवॉर्ड मिला। इसके बाद वो गोविंदा के साथ नजर आईं और ये फिल्म थी शोला और शबनम। ये फिल्म भी सुपरहिट रही और गोविंदा के साथ दिव्या की जोड़ी भी हिट रही। इसके अलावा वो दिल का क्या कसूर, बलवान, दिल आशना है और रंग समेत कई फिल्मों में दिखीं।
दिव्या भारती जब सिनेमा में आईं और सुपरहिट फिल्मों की झड़ी लगाई, उस वक्त कोई भी उन्हें टक्कर नहीं दे पा रहा था। यहां तक कि श्रीदेवी और माधुरी दीक्षित जैसी अदाकाराओं का चार्म भी फीका पड़ने लगा था। दिव्या की तो हमेशा श्रीदेवी से तुलना की जाती थी, क्योंकि दोनों का चेहरा काफी हद तक मिलता था। दिव्या ने धीरे-धीरे सभी हीरोइनों का जादू कम कर दिया था। वह सिर्फ 19 साल की थीं, जब उन्होंने इतना स्टारडम पा लिया।
धर्म बदलकर कर ली थी शादी
दिव्या ने अपने करियर में अच्छा खासा मुकाम हासिल कर लिया था। इसी बीच उन्हें प्यार हुआ साजिद नाडियाडवाला से। दरअसल दिव्या और साजिद की मुलाकात फिल्म शोला और शबनम के सेट पर हुई थी। साजिद उस फिल्म के सेट पर गोविंदा से मिलने आते थे।
जैसे ही साजिद की नजरें दिव्या से मिलीं, उन्हें पहली नजर में ही दिव्या से प्यार हो गया था। इसके बाद दोनों की दोस्ती और मुलाकातों का सिलसिला बढ़ता चला गया। आखिरकार दिव्या भारती ने मई 1992 में फिल्म प्रोड्यूसर साजिद नाडियावाला के साथ शादी भी कर ली थी।
कहा जाता है कि साजिद से शादी करने के लिए उन्होंने इस्लाम धर्म अपना लिया था और नाम बदलकर सना रख लिया था। उनकी शादी सीक्रेट तरीके से हुई थी जहां सिर्फ उनका हेयरड्रेसर और क्लोज फ्रेंड ही मौजूद थी।
अचानक से हुई दिव्या की मौत
दिव्या भारती की मौत सबसे ज्यादा चौंकाने वाली थी। दिव्या की पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ में सब कुछ ठीक चल ही रहा था कि इसी बीच 5 अप्रैल 1993 को उनकी अपने घर की बालकनी से गिरने से मौत (Divya Bharti Death) हो गई थी। इस खबर ने पूरी इंडस्ट्री को शॉक कर दिया था।
हालांकि दिव्या की मौत कैसे हुई, इस पर सस्पेंस ही रहा है। कहा जाता है कि दिव्या भारती ने मौत से एक दिन पहले खूब पार्टी की थी। दिव्या भारती को उस दिन शूटिंग के लिए हैदराबाद जाना था लेकिन पैर में चोट थी इसलिए शूटिंग टाल दी गई। इसी बीच वर्सोवा स्थित उनके फ्लैट में महफिल जमी थी, जहां मशहूर डिजाइनर नीता लुल्ला और उनके पति डॉ. श्याम मौजूद थे। लिविंग रूम में हंसी-मजाक और ड्रिंक्स का माहौल चल रहा था।
वहीं पास में दिव्या की हाउसहेल्प अमृता भी थी। यहीं पर दिव्या बिना ग्रिल वाली खिड़की की जाकर बैठ गईं, तभी अचानक कुछ ऐसा हुआ जिसने बॉलीवुड को सुन्न कर दिया। उठते वक्त पैर लड़खड़ाया, हाथ फिसला और 19 साल की दिव्या 5वीं मंजिल से सीधे मौत के आगोश में जा गिरी। आनन-फानन में नीता लुल्ला और उनके पति दिव्या को अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तबतक देर हो चुकी थी। इसके बाद कई लोगों ने इसे आत्महत्या बताया, तो कईयों ने इसे हादसे का नाम दिया। इसके बाद दिव्या की मौत सस्पेंस ही बन गई।
दिव्या भारती सिनेमा में आई और नाम बनाकर चली गईं। दिव्या वो एक्ट्रेस बनीं, जिन्होंने इतने कम वक्त में स्टारडम हासिल किया। माधुरी और श्रीदेवी जैसी सुपरस्टार्स की गद्दी को भी उन्होंने हिलाकर रख दिया था। दिव्या की मौत के बाद तीन फिल्में 'शतरंज', 'रंग' और 'थोलि मुद्धू' रिलीज की गईं, जिसमें रंग खूब हिट रही। हालांकि आज सालों बाद भी दिव्या को सिनेमा में याद किया जाता है।
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