मुंबई। हिन्दी सिनेमा में महज दो साल के अंदर सुशांत सिंह राजपूत अपनी जगह बनाने में कामयाब रहे। फिल्म ‘काई पो छे’ में जहां वे क्रिकेट के दीवाने युवक की भूमिका में दिखे वहीं ‘डिटेक्टिव ब्योमकेश बक्शी’ में जासूस की भूमिका में रंग भरा। पिछले साल रिलीज हुई ‘पीके’ में उनका रोल छोटा लेकिन सराहनीय था। सुशांत इन दिनों भारतीय क्रिकेटर महेंद्र सिंह धौनी पर बनने वाली बायोपिक की तैयारी में जुटे हैं। फिल्म अगले साल रिलीज होगी।

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अगर कमाई के आंकड़ों की बात करें तो ‘ब्योमकेश बक्शी’ बॉक्स आफिस पर खास नहीं चली लेकिन अदाकारी के लिए सुशांत की भूरि-भूरि प्रशंसा हुई। इस साल उनके समकालीन कई कलाकारों की फिल्में हिट हुईं। कुछ सौ करोड़ क्लब में शामिल हुईं। आम तौर पर कलाकार अपने समकालीन के कामकाज की जानकारी रखने से इंकार करते हैं। मगर सुशांत उनमें से नहीं हैं। वह स्वीकारते हैं कि जब उनके समकालीन कलाकारों की फिल्में हिट होती हैं तो वो थोड़े परेशान हो जाते हैं। वे कहते हैं, ‘कभी-कभी ऐसा होता है लेकिन उस समय मैं खुद को याद दिलाता हूं कि क्यों मैं इस इंडस्ट्री का हिस्सा बनना चाहता था। यह विचार मुझे शांत रखता है।’

सुशांत भविष्य को लेकर परेशान तो हैं लेकिन मानते हैं कि उनको अभी बहुत लंबा सफर तय करना है। वे कहते हैं, ‘भविष्य में मैं एक्टिंग छोड़कर खेतीबाड़ी कर सकता हूं या देश का बड़ा सुपरस्टार बन सकता हूं। आखिर में मीडिया के पास मुझे लेकर एक दिलचस्प स्टोरी होगी ही। फिलहाल इसमें काफी समय है। यह लंबा खेल है, कोई छोटी मोटी जंग नहीं।’

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Posted By: Monika Sharma