गालिब की गजल से बना था Suraiya का टाइमलेस सॉन्ग, 72 साल बाद भी चढ़ा रहता है लोगों की जुबां पर
Suraiya भारतीय सिनेमा की एक ऐसी कलाकार थीं जो एक शानदार एक्टर होने के साथ-साथ बेहतरीन गायक भी थीं।
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72 साल बाद भी सदाबहार है ये गाना
HighLights
72 साल बाद भी सदाबहार है ये गाना
सुरैया और तलत महमूद ने दी थी आवाज
मिर्जा गालिब की गजल से लिए थे गाने के बोल
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। 40-50 के दशक में भारतीय सिनेमा में अपनी प्रतिभा से छाप छोड़ने वाली बेहतरीन अदाकार सुरैया एक्टिंग के साथ-साथ अपने सिंगिंग टैलेंट के लिए भी जानी जाती थीं। उन्होंने कई फिल्मों में अभिनय करने के अलावा कई गीतों को अपनी सुरमयी आवाज भी दी है।
गालिब की गजल से लिए गए बोल
एक ऐसे ही गाने आज हम बात करने जा रहे हैं जो सुरैया ने अपनी आवाज से सजाया था। यह गीत 1954 में रिलीज हुई फिल्म मिर्जा गालिब (Mirza Ghalib) है, जो मशहूर कवि और शायर मिर्जा गालिब की बायोग्राफिकल फिल्म थी। जिसका ज्यादातर संगीत और गाने उनकी गजलों से लिए गए थे और मरणोपरांत भी संगीत में उन्हें क्रेडिट दिया गया था।

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सुरैया-महमूद ने दी आवाज
सुरैया (Suraiya) का ये गाना भी गालिब की गजल के बोल से बना था जिसके लिरिक्स हैं- दिल -ए-नादान तुझे हुआ क्या है (Dil E Nadaan Tujhe Hua Kya Hai)। इस गाने को सुरैया और तलत महमूद (Talat Mehmood) ने गाया था। इसके साथ ही पर्दे पर इसे इन्हीं दोनों कलाकारों पर फिल्माया गया था।
इस गाने का संगीत गुलाम मोहम्मद ने दिया था और इसके बोल महान शायर मिर्जा गालिब की गजल से लिए गये थे।
मिर्जा गालिब की कहानी
यह कहानी गालिब के जीवन पर आधारित है, जो बहादुर शाह ज़फर के शासनकाल में मुगल साम्राज्य के पतन के समय दिल्ली में रहते थे। जबरदस्त साहित्यिक प्रतिभा के बावजूद, उन्हें भारी आर्थिक तंगी और गरीबी का सामना करना पड़ता है।
गालिब को मोती बेगम नाम की एक सुसंस्कृत तवायफ से गहरा प्यार हो जाता है, जो 'चौदहवीं' कहलाना पसंद करती है। वह उनकी शायरी को गहराई से समझती है और उसका सम्मान करती है।
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चौदहवीं की मां उसकी शादी एक स्थानीय कोतवाल (पुलिस प्रमुख) से करने का वादा कर देती है। इस बीच, गालिब की शादी पहले से ही उमराव बेगम (निगार सुल्ताना) से हो चुकी होती है, जिनकी शांत निष्ठा और गालिब के साथ गहरा रिश्ता उनके उतार-चढ़ाव भरे जीवन में एक भावनात्मक सहारा बनता है।
मिर्जा गालिब फिल्म के बारे में
मिर्जा गालिब (Mirza Ghalib Film) सोहराब मोदी द्वारा निर्देशित 1954 की भारतीय हिंदी और उर्दू भाषा की बायोग्राफी पर आधारित फिल्म है। मशहूर शायर मिर्जा गालिब के जीवन पर आधारित यह फिल्म 10 दिसंबर 1954 को रिलीज हुई थी और दर्शकों ने इसे काफी सराहा था। इस फिल्म में भरत भूषण ने गालिब और सुरैया ने उनकी तवायफ प्रेमिका, मोती बेगम की भूमिका निभाई है।
