विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

71 साल पुराना Mukesh का सदाबहार गीत, ढाबे पर बने बोल; वेटर के नाम से है खास कनेक्शन

Published: Wed, 29 Apr 2026 06:36 PM (IST)Updated: Wed, 29 Apr 2026 07:05 PM (IST)

राज कपूर की आर.के. फिल्म्स ने कई प्रतिभाओं को मौका दिया, जिनमें गीतकार शैलेंद्र और संगीतकार शंकर जयकिशन शामिल थे। ...और पढ़ें

News Article Hero Image
timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। राज कपूर (Raj Kapoor) केवल एक कामयाब फिल्मकार नहीं थे बल्कि उन्होंने इंडस्ट्री के कई टैलेंटेड लोगों को खोजकर इंडस्ट्री में मौका दिया। शायद इसी वजह से उन्हें भारतीय सिनेमा का शोमैन कहा जाता था।

उन्होंने अपनी खुद की प्रोडक्शन कंपनी, आर. के. फिल्म्स (RK Films) की 1947 में स्थापना की। इसके बैनर तले 'आवारा', 'श्री 420' और 'संगम' जैसी यादगार फिल्मों के साथ-साथ अभिनय और निर्देशन से फिल्म जगत के एक नए दौर का निर्माण किया।

यह भी पढ़ें- Alka Yagnik की आवाज, माधुरी की कातिल अदाएं; 33 साल पहले आए 'कल्ट गाने' पर देशभर में मचा बवाल, बैन हुआ था सॉन्ग

इंडस्ट्री में की कई टैलेंटेड एक्टर्स की खोज

राज कपूर ने गीतकार शैलेंद्र, हसरत जयपुरी से लेकर संगीतकार शंकर जयकिशन जैसे नायाब हीरे बॉलीवुड को दिए। राज कपूर की इस टीम जुनून एकदम अलग था। ये लोग कभी भी एक जगह बैठकर काम नहीं करते थे। कभी ये नेशनल पार्क जाते तो कभी खंडाला या लोनावला पार्क पहुंच जाते।

Ramaiyaa (2)

जब राज कपूर ने श्री 420 का एलान किया तो सभी इसको सफल बनाने के लिए बेहतरीन संगीत और कहानी की खोज में लग गए। वैसे तो इस फिल्म के सारे ही गाने पॉपुलर हैं लेकिन आज हम बात करेंगे रमैया वस्तावैया (Ramaiyaa Vastavaiya) गाने की। शंकर जयकिशन, शैलेंद्र और हसरत जयपुरी की ये चौकड़ी एक बार खंडाला गई थी। वहां एक ढाबा था जहां पर अक्सर रुककर ये लोग चाय नाश्ता करते थे।

Ramaiyaa (3)

ढाबे पर तैयार हुआ था गाना

उस दिन भी ऐसा ही कुछ हुआ। वहां पर एक लड़का काम करता था जिसका नाम रमैया था। शंकर साउथ के रहने वाले थे और तेलुगु बहुत अच्छे से जानते थे। उन्होंने उस लड़के को आवाज दी रमैया वस्तावैया। इसका हिंदी में अर्थ है रमैया यहां कब आओगे क्योंकि वो ऑर्डर देने का इंतजार कर रहे थे। उनके बगल में बैठे शैलेंद्र को ये शब्द बहुत अच्छे लगे। वो बार-बार इसे रिपीट करने लगे। इस तरह आगे की दो लाइन जोड़कर इस गाने की रूपरेखा तैयार हुई। खंडाला से ये लोग सीधे आरके स्टूडियो पहुंचे और जितना गीत तैयार हुआ था पूरा सुना दिया।

Ramaiyaa

राज कपूर गाना सुनकर खुश हो गया और शूटिंग की तैयारी की। इस गीत की एक और अहम बात ये है कि वैसे तो राजकपूर की फिल्मों में मुकेश की आवाज अहम होती है लेकिन इसके लिए उन्होंने कुछ लाइनें मोहम्मद रफी से भी गवाई। इस गाने में आज भी वो जादू है जो आपके पैरों को थिरकने पर मजबूर कर देगा।

क्या है श्री 420 की कहानी?

साल 1955 में आई फिल्म 'श्री 420' ईमानदार राजू (राज कपूर) की कहानी है, जो बॉम्बे में अमीर बनने के सपने लेकर आता है। गरीबी के कारण वह सच्चाई छोड़ माया (नादिरा) के साथ गलत रास्ते पर चल पड़ता है, लेकिन अंत में वो विद्या (नरगिस) के प्यार में पड़कर सच्चाई की राह पर लौट आता है। यह फिल्म ईमानदारी बनाम लालच का संदेश देती है।

यह भी पढ़ें- Mohammed Rafi और लता मंगेशकर का 58 साल पुराना गाना आज भी है सदाबहार, दिल को छूते हैं लिरिक्स