विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Mohammed Rafi और लता मंगेशकर का 58 साल पुराना गाना आज भी है सदाबहार, दिल को छूते हैं लिरिक्स

Published: Sat, 25 Apr 2026 09:14 PM (GMT+05:30)

मोहम्मद रफी और लता मंगेशकर ने 58 साल पहले इस गाने को आवाज देकर अमर कर दिया।

58 साल पुराना गाना आज भी है मोस्ट रोमांटिक

58 साल पुराना गाना आज भी है मोस्ट रोमांटिक

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। मोहम्मद रफी भारतीय संगीत के इतिहास की वो आवाज थे, जो आज भी अमर है। उन्होंने बॉलीवुड को कई ऐसे गीत दिए जो उस वक्त तो हिट थे ही लेकिन आज भी वे उतने ही सदाबहार हैं और उनके फैंस की प्लेलिस्ट में शामिल हैं। वहीं अगर किसी गाने में उनके साथ लता मंगेशकर ने सुर मिलाए हों फिर तो बात ही अलग है।

आज हम एक ऐसे ही गाने के बारे में बताने जा रहे हैं जिसमें मोहम्मद रफी (Mohammed Rafi) और लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) ने मिलकर गाया था। ये गाना उस वक्त तो हिट था ही आज 58 सालों बाद भी ये कल्ट बना हुआ है।

rafi (7)

यह भी पढ़ें- लता दीदी से छीना, Asha Bhosle की आवाज ने बनाया कल्ट; 54 साल पहले आर डी बर्मन की जिद से बना वो हिट गाना

कौन सा है ये गाना?

जिस गाने की हम बात कर रहे हैं वो 1968 में रिलीज हुई रोमांटिक एक्शन (Romantic Action) फिल्म इज्जत (Izzat) का है। जिसमें धर्मेंद्र (Dharmendra), तनुजा, जयललिता और महमूद जैसे कलाकारों ने काम किया था। इस गाने के बोल हैं- 'ये दिल तुम बिन कहीं लगता नहीं...हम क्या करें' (Yeh Dil Tum bin Kahin Lagta Nahin)।

rafi (12)

इस गाने के को साहिर लुधियानवी ने लिखा था और मोहम्मद रफी के साथ लता मंगेशकर ने अपनी आवाज में पिरोया था। कल्ट सॉन्ग के लिरिक्स इतने इमोशनल हैं कि आज भी दो प्यार करने वालों के दिलों को छू जाते हैं। वहीं जो म्यूजिक लवर्स हैं उनकी प्लेलिस्ट में जरूर शामिल होता है।

rafi (13)

YouTube पर मिले कितने व्यूज

इस गाने को लोग इतना सुनते हैं कि इसे यूट्यूब पर 226 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं। इस सॉन्ग के म्यूजिक डायरेक्टर लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल थे।

मोहम्मद रफी के बारे में

मोहम्मद रफी (24 दिसंबर 1924 – 31 जुलाई 1980) एक भारतीय प्लेबैक सिंगर थे। उनके गाने तेज, जोशीले गानों से लेकर देशभक्ति गीतों तक, उदास गानों से लेकर बेहद रोमांटिक गानों तक, कव्वालियों से लेकर गजलों तक और भजनों से लेकर शास्त्रीय गीतों तक अलग-अलग तरह के होते थे। 1967 में, भारत सरकार ने उन्हें चौथे सबसे बड़े नागरिक सम्मान, पद्म श्री से सम्मानित किया।

यह भी पढ़ें- 55 साल पहले आया हेलेन का वो गाना, Asha Bhosle की आवाज पर मचा था बवाल; बैन हुआ था कल्ट सॉन्ग