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वो गुजराती सिंगर, Asha Bhosle संग चमकी किस्मत; Nana Patekar के लिए गाया भक्ति गीत, अब इंडस्ट्री से हैं गायब

Published: Wed, 14 Oct 2026 05:26 PM (IST)

भक्ति गीतों को अपनी सुरों से सजाने वाले सिंगर प्रफुल दवे (Praful Dave) ने अपना पहला ही गाना आशा भोसले (Asha Bhosle) के साथ रिकॉर्ड किया था।

भक्ति गीतों के लिए मशहूर गुजराती गायक। फोटो क्रेडिट- एक्स

भक्ति गीतों के लिए मशहूर गुजराती गायक। फोटो क्रेडिट- एक्स

HighLights

  1. भक्ति गीतों में जान भरने वाले गायक

  2. नाना पाटेकर के लिए गाया था कल्ट गाना

  3. कभी डॉक्टर हुआ करते थे गायक

एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। वो गायक जिन्होंने सिनेमा को अपनी सुरीलों गानों से सजाया, खासकर भक्ति गीतों को अमर बना दिया। यह गायक हैं प्रफुल दवे (Praful Dave)। भक्ति गीतों को आवाज देने वाले गायक प्रफुल दवे ने 70s के दौर में अपना करियर शुरू किया था और कई गीत गाए।

प्रफुल दवे के बारे में शायद ही आपको मालूम हो कि वह कभी डॉक्टर हुआ करते थे। जी हां, प्रफुल ने मेडिकल फील्ड में सफलता हासिल कर ली थी, इसके बावजूद उन्होंने डॉक्टर का प्रोफेशन छोड़ अपने दिल की सुनी और गायिकी की दुनिया में कदम रखा।

आशा भोसले संग गाया था पहला गाना

दिलचस्प बात यह है कि प्रफुल दवे का पहला ही गाना हिंदी सिनेमा की दिग्गज गायिका आशा भोसले (Asha Bhosle) के साथ आया था। एक बार खुद प्रफुल दवे ने ईटाइम्स के साथ बातचीत में इस बारे में खुलासा किया था। उन्होंने बताया था, "मैं 'मनियारो' गाना रिकॉर्ड करने गया था। म्यूजिक डायरेक्टर को मेरी आवाज इतनी पसंद आई कि उन्होंने मुझे आशा भोंसले के साथ रिकॉर्डिंग करने के लिए कहा।"

 

 
 
 
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बॉलीवुड में हिट था भक्ति गीत

आशा भोसले के साथ पहला गाना 'मारू वनरावन छे रुडु' इतना बड़ा हिट हो गया कि इसे राज्य सरकार का अवॉर्ड और पीपल्स चॉइस अवॉर्ड भी मिला। अपने लोकगीतों के लिए मशहूर प्रफुल दवे ने बॉलीवुड को भी भक्ति गीत दिया है। 1994 में आई फिल्म क्रांतिवीर (Krantiveer) के लिए गाना गया था। इस फिल्म में उनका भक्ति गीत 'मां अंबे जय जगदंबे' (Jai Ambe Jagadambe Maa) है। 

इस गाने को गुजराती थीम पर बनाया गया था। इस भक्ति गीत में नाना पाटेकर और डिंपल कपाड़िया गरबा और डांडिया करते हुए नजर आए थे। प्रफुल की एनर्जेटिक आवाज ने इसे और भी खूबसूरत बना दिया था।

 

अब कहां हैं प्रफुल दवे?

इंडस्ट्री में लगभग पांच दशक बिताने और गुजराती लोक संगीत को फिर से जिंदा करने और उसे बचाए रखने में अपना योगदान देने वाले प्रफुल दवे आज बॉलीवुड से दूर हैं। उन्होंने 90s के बाद से कोई भी गाना रिकॉर्ड नहीं किया। हालांकि, वह स्टेज परफॉर्मेंस के जरिए दर्शकों को लुभा रहे हैं। वह सोशल मीडिया पर भी एक्टिव रहते हैं।

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