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National Awards 2026: आश्रम में पले-बढ़े, 12 साल में बने एक्टर, दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड पाकर Anant Nag भावुक

Published: Tue, 22 Sep 2026 08:40 PM (IST)

72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स (72nd National Film Awards 2026) में अभिनेता अनंत नाग (Anant Nag) को दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड से नवाजा गया।

दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड पाकर भावुक हुए अनंत नाग। फोटो क्रेडिट- एक्स

दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड पाकर भावुक हुए अनंत नाग। फोटो क्रेडिट- एक्स

HighLights

  1. दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित अनंत नाग

  2. 78 साल के अनंत नाग ने अवॉर्ड पाकर जाहिर की खुशी

  3. शुरुआती करियर और हिंदी सिनेमा छोड़ने पर बोले एक्टर

एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। सिनेमा में 5 दशक तक अपने अभिनय की छाप छोड़ने वाले अभिनेता अनंत नाग (Anant Nag) को 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स (72nd National Film Awards 2026) में दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड (Dadasaheb Phalke Awards) से सम्मानित किया गया। 

72वां नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में 2024 की फिल्मों के लिए अवॉर्ड्स दिए गए। गुजरात के स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में आयोजित नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में कार्तिक आर्यन से ममूटी तक सितारों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Draupadi Murmu) द्वारा सम्मान मिला।

दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड से सम्मानित एक्टर

इस साल दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड से अनंत नाग को सम्मानित किया गया। 78 साल के अभिनेता जब मंच पर यह खिताब रिसीव करने गए तो उन्होंने अपनी जिंदगी के शुरुआती दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि उनका बचपन आश्रम में बीता है।

नेशनल अवॉर्ड्स में भावुक अनंत नाग

दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड पाकर भावुक हुए अनंत नाग ने कहा, "आपके साथ यहां होना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है और मैं इस कार्यक्रम की भव्यता को समझने की कोशिश कर रहा हूं। मैंने ऐसे बहुत से कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं लिया है, लेकिन आज आप सबके साथ होकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। एक एक्टर के तौर पर आपने मुझे परफॉर्म करते देखा है और कुछ झलकियां भी देखी हैं।"

Anant Nag

अनंत नाग को याद आए बचपन के दिन 

अनंत नाग ने 12 की उम्र में एक्टिंग शुरू कर दी थी। इससे पहले उनका जीवन एक अश्रम में बीता था। अभिनेता ने इस बारे में नेशनल अवॉर्ड्स समारोह में कहा, "मैं बचपन में 12 साल की उम्र तक एक आश्रम और मठ में पला-बढ़ा। उसके बाद मुझे मुंबई भेजा गया, जहां मुझे बंगाल के कवि चैतन्य महाप्रभु पर आधारित नाटक में एक्टिंग करने का मौका मिला और वहीं से मेरे करियर की शुरुआत हुई।"

5 साल में किए 50 नाटक

अनंत नाग इंडस्ट्री में करीब पांच दशक से काम कर रहे हैं। उन्होंने अपने करियर के बारे में कहा, "लगभग पांच सालों में मैंने करीब 50 नाटकों में काम किया, जो मेरे लिए एक्टिंग की ट्रेनिंग का जरिया बने। इसके बाद मुझे फिल्मों में कुछ रोल करने के लिए बुलाया गया।"


 

क्यों अनंत नाग ने छोड़ा हिंदी सिनेमा?

अनंत नाग ने यह भी बताया कि उन्होंने क्योंकि हिंदी सिनेमा को छोड़ कर्नाटक में बसने का फैसला किया। उन्होंने कहा, "मैंने कई हिंदी फिल्मों में काम किया, लेकिन न्यू वेव फिल्मों, आर्ट फिल्मों और कमर्शियल फिल्मों का माहौल अलग था। कर्नाटक में मेरे लिए अच्छे मौके थे, इसलिए मैंने सोचा कि बैंगलोर जाकर वहीं बस जाऊं और वही जगह मेरी कर्मभूमि बन गई।"

अनंत नाग ने इस खिताब को प्रोड्यूसर्स, डायरेक्टर्स और सिनेमैटोग्राफर्स समेत सिनेमा से जुड़े सितारों को डेडीकेट किया। 

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