डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की बायोपिक बना रहे मधुर भंडारकर, 'श्यामा: द मिसिंग चैप्टर' का किया एलान
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन पर मधुर भंडारकर फिल्म बना रहे हैं। इस फिल्म में क्या-क्या दिखाया जाएगा? आइए जानते हैं-
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डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी पर फिल्म बना रहे मधुर भंडारकर
HighLights
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी पर फिल्म बना रहे मधुर भंडारकर
कब शुरू होगी इस बायोग्राफिकल फिल्म की शूटिंग?
क्या-क्या दिखाया जाएगा डॉ. मुखर्जी पर बन रही फिल्म में?
राज्य ब्यूरो, जागरण, कोलकाता। फिल्म निर्देशक मधुर भंडारकर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (Shyama Prasad Mukherjee) के जीवन पर फिल्म बनाने जा रहे हैं। उन्होंने शुक्रवार को खुद कोलकाता में इसकी घोषणा की। ‘श्यामा : द मिसिंग चैप्टर' टाइटल से बनने वाली इस फिल्म की शूटिंग अगले साल शुरू होगी। हालांकि, कलाकारों, शूटिंग लोकेशन और रिलीज की तारीख समेत अन्य जानकारियां अभी सार्वजनिक नहीं की गई हैं।
क्या दिखाया जाएगा फिल्म में?
फिल्म में डा मुखर्जी के राजनीतिक संघर्ष, वैचारिक प्रतिबद्धता और राष्ट्रीय एकता के लिए उनके आंदोलन को प्रमुखता से दिखाया जाएगा। डॉ. मुखर्जी के जीवन की उन महत्वपूर्ण घटनाओं को सामने लाने की भी कोशिश की जाएगी, जिन्होंने स्वतंत्र भारत की राजनीति को नई दिशा देने में भूमिका निभाई।

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कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपति बनने से लेकर स्वतंत्र भारत की पहली मंत्रिपरिषद में शामिल होने तक डॉ. मुखर्जी का सार्वजनिक जीवन कई महत्वपूर्ण पड़ावों से गुजरा। पंडित जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री रहने के बाद वैचारिक मतभेदों के कारण उन्होंने मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना की। फिल्म में उनके इस राजनीतिक सफर और तत्कालीन सरकार के साथ मतभेदों को भी प्रमुखता से दिखाया जाएगा।
फिल्म में दिखाया जाएगा डॉ. मुखर्जी का आंदोलन
फिल्म की कहानी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा 1953 में जम्मू-कश्मीर में लागू परमिट व्यवस्था के विरोध में डॉ. मुखर्जी के आंदोलन पर केंद्रित होगा। फिल्म के निर्माता आदित्य कुमार हलवासिया ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का जीवन साहस, दृढ़ विश्वास और राष्ट्रसेवा की भावना का उदाहरण है। इस फिल्म के जरिये नई पीढ़ी को उनके जीवन और योगदान से परिचित कराने के साथ देश के इतिहास और विरासत को समझने के लिए प्रेरित करना उद्देश्य है।
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मुधर भंडारकर के लिए चैलेंजिंग है ये फिल्म
निर्देशक मधुर भंडारकर (Madhur Bhandarkar) ने कहा कि डॉ. मुखर्जी के जीवन को पर्दे पर उतारना उनके लिए चुनौतीपूर्ण होने के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। उनकी कोशिश है कि भारतीय इतिहास के इस महत्वपूर्ण अध्याय को ईमानदारी, संवेदनशीलता और नए दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया जाए। फिल्म को ऐतिहासिक नाटक और राजनीतिक रोमांच के मेल के रूप में तैयार किया जा रहा है।
