18वीं सदी की 'कविता' पर बना Smita Patil का ये कल्ट गीत, लता दीदी की आवाज में 44 सालों से है अमर
स्मिता पाटिल की फिल्म का एक गाना 18वीं सदी की सबसे मशहूर कविता पर बनी है जिसे मीर तकी मीर (Mir Taqi Mir) ने लिखी थी।

कविता पर बना स्मिता पाटिल का गाना
HighLights
18वीं सदी की कविता पर बना कल्ट गाना
खय्याम के संगीत से सजा 44 साल पुराना गाना
दबी हुई भावनाओं को जाहिर करता है गीत
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। मीर तकी मीर (Mir Taqi Mir) 18वीं सदी के सबसे मशहूर शायर और कवि थे। उन्होंने उर्दू भाषा में कई कवितीएं लिखीं। उनकी एक कविता आज भी गाने के जरिए सिनेमा में सदाबहार हिट बनी हुई है।
मीर तकी मीर की 18वीं सदी में लिखी सबसे मशहूर कविता पर स्मिता पाटिल (Smita Patil) का एक फिल्मी गाना बनाया गया जो 44 साल बाद भी सदाबहार है। इस गीत को और भी खूबसूरत लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) की आवाज ने बना दिया।
खय्याम ने दिखे 'बाजार' को हिट गाने
यह फिल्मी गीत 1982 में आई 'बाजार' (Bazaar) फिल्म का है। इस फिल्म में स्मिता पाटिल, नसीरुद्दीन शाह, फारूक शेख, सुप्रिया पाठक, भरत कपूर और रीता रानी कौल अहम भूमिकाओं में हैं। जब सागर सरहदी यह फिल्म बना रहे थे, तब उन्होंने संगीत बनाने का जिम्मा मोहम्मद जाहूर खय्याम को सौंपा।
18वीं सदी की कविता पर बना था गाना
खय्याम जुट गए गाने बनाने में। उन्होंने फिल्म के गानों के लिए मशहूर शायरों और कवियों की कविताएं उठाईं और उन्हें गाने में तब्दील किया। इनमें से एक मीर तकी मीर की कविता 'दिखाई दिए यूं कि बेखुद किया, हमें आप से भी जुदा कर चले' थी जिसे खय्याम ने एक गाने के रूप में पेश किया और बकायदा उन्हें क्रेडिट भी दिया।

44 सालों से कल्ट है गीत
'बाजार' फिल्म का गीत 'दिखाई दिए यूं' (Dikhai Diye Yun Song) का संगीत खुद खय्याम ने तैयार किया और इसे लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) से गवाया। लता की आवाज में यह गीत कल्ट क्लासिक बन गया। उन्होंने अपनी मधुर आवाज में हीरोइन के मन की बात मीर तकी मीर की कविताओं के जरिए पेश किया।
फिल्म में यह गीत सुप्रिया पाठक गुनगुनाती नजर आईं। इस गीत में स्मिता पाटिल, नसीरुद्दीन शाह और फारूक शेख जैसे सितारे भी दिखाई दे रहे थे। इस गीत में छुपी हुई भावनाओं को खय्याम ने इस गाने के जरिए जाहिर किया है।
