38 साल से रेडियो पर खूब बज रहा है Lata Mangeshkar का कल्ट क्लासिक गाना, राज बब्बर-अमृता की जोड़ी ने किया अमर
लता मंगेशकर ने 38 साल पहले बॉलीवुड को 38 साल पहले एक ऐसा गाना दिया था, जो आज भी रेडियो ...और पढ़ें

38 साल से रेडियो की शान है लता मंगेशकर का गाना। फोटो-यूट्यूब
HighLights
38 सालों से एवरग्रीन गानों की लिस्ट में टॉप पर है ये गाना
एक नहीं कई रेडियो स्टेशन पर खूब बजाया जाता है ये गाना
लता मंगेशकर ने सुपरहिट फिल्म के लिए गाया था अमरगीत
एंटरटेनमेंट डेस्क,नई दिल्ली। बॉलीवुड की सुर सम्राज्ञी लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) ने जिस भी गाने को अपनी आवाज दी, वह अमर हो गया। 8 दशक के करियर स्वर कोकिला ने कई अलग-अलग मिजाज के गाने दिए। अगर उन्होंने लव सॉन्ग गाया, तो वहीं बॉलीवुड से बहुत साल पहले ही छठी मैया का भक्ति गीत भी गुनगुनाया।
अपने पूरे करियर में 30 हजार के करीब गाने देने वालीं दिग्गज गायिका ने 38 साल पहले एक ऐसा गाना गाया था, जो आज भी रेडियो पर सुनते ही लोगों को अपना वो प्यार याद आ जाता है, जिसके लिए उन्होंने दुआएं मांगी। कौन सा है ये गाना, जो आज भी बना है रेडियो स्टेशन की पहली पसंद, नीचे पढ़ें उससे जुड़ा किस्सा।
लता मंगेशकर की आवाज में बना कल्ट क्लासिक
सुरों की देवी लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar Song) के जिस गाने का जिक्र हम अपने इस लेख में कर रहे हैं। वह 38 साल पहले रिलीज हुई अमृता सिंह और राज बब्बर स्टारर फिल्म वारिस का है, जिसमें स्मिता पाटिल भी मुख्य भूमिका में थीं। गाने के लिरिक्स थे "मेरे प्यार की उमर हो इतनी सनम तेरे नाम से शुरु तेरे नाम पे खत्म।" 1988 में रिलीज हुई फिल्म का ये गाना अपने दौर का एक बहुत बड़ा हिट ट्रैक था।
लता मंगेशकर की सुरीली आवाज में गाए इस गाने की डिमांड उस वक्त में इतनी ज्यादा थी कि लोगों की फरमाइशों पर हर सुबह इसे विविध भारती और ऑल इंडिया रेडियो के अलग-अलग स्टेशनों पर बजाते थे। लता मंगेशकर जहां गाने में अमृता सिंह की आवाज बनी थीं, वहीं राज बब्बर के किरदार के लिए कल्ट क्लासिक गीत में आवाज मनमोहन सिंह ने दी थी।

राज बब्बर और स्मिता पाटिल की जिंदगी से लोगों किया कनेक्ट
वारिस के इस गाने में जो लिरिक्स हैं उसमें एक लड़की अपने प्यार की लंबी उम्र की कामना कर रही है। दरअसल, जब स्मिता पाटिल का 31 साल की उम्र में बेटे प्रतीक के जन्म के वक्त निधन हो गया था, जिसकी वजह से वारिस की शूटिंग अधर में लटक गई। कहा जाता है कि स्मिता पाटिल के किरदार के कारण मेकर्स काफी परेशान थे, तभी रेखा ने आगे बढ़कर स्मिता पाटिल के किरदार के लिए डब किया और फिल्म जैसे-तैसे पूरी हुई।
वारिस में मेरे प्यार की उमर हो इतनी सनम गाना भले ही अमृता सिंह और राज बब्बर पर फिल्माया गया हो, लेकिन गीतकार वर्मा मलिक की लिखी लाइनों को लोगों ने स्मिता पाटिल के निधन के बाद राज बब्बर और एक्ट्रेस से जोड़ना शुरु कर दिया था। इस गाने की लाइनों में लोगों को दोनों की अधूरी और दर्दभरी प्रेम कहानी से जोड़ा गया। आज भी जब रेडियो स्टेशन पर एवरग्रीन गानों की बात होती है, तो उसमें ये गीत जरूर शामिल होता है।
