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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 20, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'बा' का हुआ अंतिम संस्‍कार, स्‍मृति ईरानी ने जताया शोक

By Pratibha Kumari Edited By:
Published: Wed, 20 May 2015 10:29 AM (IST)Updated: Wed, 20 May 2015 06:00 PM (IST)

टीवी सीरियल 'क्‍योंकि सास भी कभी बहू थी' की 'बा' सुधा शिवपुरी की आज सुबह दिल का दौरा पड़ने से ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। टीवी सीरियल 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' की 'बा' सुधा शिवपुरी की आज सुबह दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। उनके अंतिम संस्कार में टीवी जगत की मोनी रॉय, हितेन तेजवानी, गौरी तेजवानी, रकक्षंदा खान, गौतमी कपूर, अश्विनी कालेस्कर, मानिनी मिश्रा, शिल्पा सकलानी और जया भट्टाचार्य जैसी कई जानीमानी हस्तियों ने शिरकत कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

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सुधा शिवपुरी के साथ टीवी सीरियल 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में काम कर चुकीं मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी उनके अंतिम संस्कार में शिरकत नहीं कर सकीं, मगर उन्होंने एक टीवी चैनल के माध्यम से उनकी मौत पर शोक जताया और कहा कि भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।

स्मृति ईरानी ने कहा, 'सुधाजी के जाने से मैं बेहद दुखी हूं, वह मेरे लिए मां समान थीं।' उन्होंने सुधा शिवपुरी के परिवार के प्रति सहानुभूति भी जताई। उनके परिवार में एक बेटी और बेटा हैं। वह पिछले काफी समय से बीमार चल रही थीं। उन्होंने 'शीशे का घर', 'वक्त का दरिया', 'संतोषी मां', 'ये घर' और 'किस देश में होगा दिल' जैसे सीरियलों में भी काम किया है।

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उन्होंने कई हिंदी फिल्मों में भी काम किया है। इनमें 'स्वामी', 'इंसाफ का तराजू', 'अलका सावन को आने दो', 'द बर्निंग ट्रेन' जैसी फिल्में शामिल हैं। उनके पति ओम शिवपुरी ने भी कई हिंदी फिल्मों में काम किया है। राजस्थान में पली-बढ़ी सुधा शिवपुरी ने अपने करियर की शुरुआत तभी कर दी थी, जब वह आठवीं क्लास में पढ़ रही थीं। उनके पिता की मौत हो गई थी और मां बीमार रहती थीं। इसलिए उन्हें अपने घर की जीविका चलाने के लिए कम उम्र में ही काम करना पड़ा था। उनकी एक बेटी और एक बेटा हैं।