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बिहार की 'नौटंकी' से बना था Karisma Kapoor का पुराना गाना, भोजपुरी भाषा शैली से हुआ अमर; गांव-देहात में झूमते हैं लोग

Published: Mon, 26 Oct 2026 12:59 PM (IST)

हिंदी सिनेमा की अभिनेत्री करिश्मा कपूर का एक पुराना कल्ट क्लासिक गीत बिहार की नौटंकी की बदौलत बना था।

करिश्मा कपूर का कल्ट गाना (फोटो क्रेडिट- स्क्रीन शॉट)

करिश्मा कपूर का कल्ट गाना (फोटो क्रेडिट- स्क्रीन शॉट)

HighLights

  1. 31 साल पहले रिलीज हुआ था ये गीत

  2. करिश्मा कपूर का चुलबुला गाना

  3. बिहार की नौटंकी से निकले थे लिरिक्स

एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। करिश्मा कपूर बॉलीवुड की लेडी सुपरस्टार के तौर पर काफी मशहूर हैं। 90 के दशक में बैक टू बैक हिट मूवीज के दम पर करिश्मा ने हिंदी सिनेमा में अपना खास मुकाम बनाया। इस दौरान उनके कई सारे गाने भी पॉपुलर हुए थे।

इस आधार पर आज हम आपको करिश्मा कपूर (Karisma Kapoor) के एक 31 साल पुराने सॉन्ग की मेकिंग का दिलचस्प किस्सा आपको बताने जा रहे हैं, जिसको बिहार की नौटंकी की मदद से बनाया गया था। गांव-देहात में आज भी करिश्मा का वह गीत खूब सुना जाता है।

बिहार की नौटंकी और भोजपुरी भाषा से बना गीत

करिश्मा कपूर के जिस कल्ट क्लासिक गीत के बारे में इस लेख में बात की जा रही है, वह साल 1995 में आई फिल्म कुली नंबर-1 से नाता रखता है। सुपरस्टार गोविंदा और करिश्मा कपूर की ये कॉमेडी ड्रामा फिल्म काफी लोकप्रिय रही और इसके गाने भी खूब सुने गए। कुली नंबर-1 का एक फेमस सॉन्ग- जेठ की दोपहरी में पांव जले... (Jeth Ki Dopahari Mein Paanv Jale) भी रहा था। 

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jeth ki dopahri mein song

इस गाने की मेकिंग का किस्सा गीतकार समीर अनजान ने एक पॉडकास्ट के दौरान सुनाया था। समीर ने बताया- एक बार मैं बिहार गया हुआ था। वहां एक नौटंकी कार्यक्रम को देखने पहुंचा, जो अमूमन गांव देहात के क्षेत्रों में होती। नौटंकी के लोग मंच पर एक लाइन बार-बार दोहरा रहे थे, जेठ की दोपहरी में पांव जले सैयां...।

बस वहीं से मुझे वह लिरिक्स भा गए और मैंने फैसला किया, इस पर एक पूरा गाना लिखूंगा। इस तरह से कुली नंबर-1 के लिए मैंने जेठ की दोपहरी में पांव जले... वाला गाना लिखा था।

गोविंदा और करिश्मा कपूर के जेठ की दोपहरी में पांव जले... गाने में भोजपुरी भाषा की शैली का इस्तेमाल भी बखूबी देखने को मिलता है, जो इसे बिहार के गांव-देहात के लोगों से जोड़कर रखता है और उनका पसंदीदा माना जाता है। 

कल्ट है चुलबुला गीत

फिल्म कुली नंबर-1 की रिलीज को 31 साल का समय बीत गया है। इसके बावजूद गोविंदा और करिश्मा कपूर का चुलबुला गीत जेठ की दोपहरी में पांव जले... खूब सुना जाता है। डांसिंग एंथम के तौर पर इसे पसंद किया जाता है। 

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