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81 बार रिजेक्ट हुआ था ये सुपरहिट गाना, 26 साल पहले Jagjit Singh की आवाज ने कर दिया था अमर

Published: Thu, 16 Apr 2026 04:30 PM (GMT+05:30)

आज से ठीक 26 साल पहले एक गाना बना तो वास्तव में एक-दो बार नहीं, बल्कि 81 बार रिजेक्ट हो ...और पढ़ें

जगजीत सिंह का सुपरहिट गाना 81 बार हुआ था रिजेक्ट। फोटो क्रेडिट- एक्स

जगजीत सिंह का सुपरहिट गाना 81 बार हुआ था रिजेक्ट। फोटो क्रेडिट- एक्स

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। कुछ गीत चाहे जितने भी पुराने हो जाएं, लेकिन उसका जादू हमेशा बरकरार रहता है। 26 साल पहले एक ऐसा ही गाना बना था जो दो दशक बाद भी सुनने वालों को गाने के बोल और गाने वाले की आवाज में मदहोश कर देता है। 

यह गीत जिसने गाया था, वो हैं जगजीत सिंह (Jagjit Singh)। म्यूजिक इंडस्ट्री के दिग्गज गायक जगजीत ने कई सुपरहिट गानों को आवाज दी थी 26 साल पहले उन्होंने एक गीत गाया था जो वास्तव में एक गजल था। आपको जानकर हैरानी होगी कि वह गीत 81 बार रिजेक्ट हुआ था और उसे रिकॉर्ड करने में जगजीत को भी काफी मुश्किल हुई।

ढाई दशक पुराना सुपरहिट गाना

यह गीत साल 2001 में रिलीज हुई फिल्म तुम बिन (Tum Bin) का 'कोई फरियाद' (Koi Fariyaad) है। यह गीत एक गजल था जिसे मॉडर्न तरीके में ढाला गया था और जगजीत सिंह ने इसे अपनी आवाज से अमर कर दिया था। मगर इस गाने को बनाने के पीछे का किस्सा भी बड़ा गजब है। इसे फिल्म के डायरेक्टर अनुभव सिन्हा (Anubhav Sinha) ने 81 बार रिजेक्ट कर दिया था।

दरअसल, 'कोई फरियाद' गीत के बोल फैज अनवर (Faaiz Anwar) ने लिखे थे। अनुभव सिन्हा अपनी फिल्म के लिए एक गजल चाहते थे, ताकि वह अपनी फिल्म के सार को एक गीत में पिरो सकें। उन्होंने फैज को अपनी फिल्म की कहानी और अपना पॉइन्ट ऑफ व्यू समझाया। फैज एक गीतकार नहीं, बल्कि शायर थे। अनुभव चाहते थे कि वह एक शायर लिखे जिसके इर्द-गिर्द गाना बने।

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डायरेक्टर ने क्यों रिजेक्ट किया था गाना?

फैज अनवर ने अनुभव सिन्हा की बात समझी और फिर उसी हिसाब से एक-एक शेर लिखकर डायरेक्टर को भेजा लेकिन वह रिजेक्ट करते रहे। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, अनुभव सिन्हा ने रिजेक्शन की वजह बताई थी। उन्होंने कहा था- 

कहानी सुनाने में गजल का बहुत अहम रोल था। फैज अनवर असल में एक शायर थे, न कि गीतकार, लेकिन जब मैंने उनसे तुम बिन के लिए एक गजल लिखने को कहा तो पूरा आइडिया यह था कि मैं एक शेर को मंजूरी दूंगा और फिर वह उसी के इर्द-गिर्द पूरा गाना लिखेंगे। वह मुझे बीच-बीच में एक शेर सुनाते रहते थे और मैं हर बार मना करता रहता था। आखिरकार, मै किसी शूट पर था और उन्होंने मुझे फोन किया और ये लाइनें सुनाईं- 'एक लम्हे में सिमट आया है सदियों का सफर। जिंदगी तेज, बहुत तेज चली हो जैसे।'

मैं तुरंत मान गया और कहा, 'यही तो चाहिए था।' वह हंसने लगे और मुझसे पूछा कि क्या मुझे पता है कि यह 82वां शेर था, जिसका मतलब है कि मैं पहले ही 81 शेर रिजेक्ट कर चुका था।

जगजीत सिंह को रिकॉर्ड करने में लगे कई दिन

यह गीत 9 मिनट लंबा था। इस गीत में 13 अंतर और 12 मुखड़े थे। यह गीत को रिकॉर्ड करना जगजीत सिंह के लिए आसान नहीं था। ऊपर से यह एक सैड सॉन्ग (Sad Song) था। इस गाने को परफेक्ट बनाने के लिए जगजीत सिंह ने इसे कई दिनों तक रिकॉर्ड किया। आखिरकार यह गीत रिकॉर्ड हो गया और 9 मिनट लंबे होने के बावजूद लोगों के दिलों में बस गया।

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