'आठवां सुर' थी भारत रत्न पाने वाली पहली संगीतकार, गांधी जी भी थे जिनके मुरीद; घर-घर में गूंजे उनके भजन
भारत रत्न पाने वाली पहली महिला संगीतकार के गीतों ने दुनियाभर में परचम लहराया। यहां तक कि महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) भी उनके गीतों के शौकीन थे।

'तपस्विनी' कहलाईं भारत रत्न पाने वालीं संगीतकार
HighLights
भारत रत्न से सम्मानित पहली महिला संगीतकार थीं सुब्बुलक्ष्मी
UN तक पहुंचा था एमएस सुब्बुलक्ष्मी के संगीत का जादू
महात्मा गांधी और जवाहर लाल नेहरू भी उनके संगीत के फैन
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा की वो महिला संगीतकार जिनके गीतों के धुन को महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) भी पसंद करते थे। उनके संगीत का जादू विदेशों में भी छाया था।
इस आर्टिकल में कहानी भारत रत्न (Bharat Ratna) से नवाजीं जाने वाली पहली महिला संगीतकार की, जिन्होंने दशकों तक म्यूजिक इंडस्ट्री में काम किया। यह संगीतकार कोई और नहीं, बल्कि एम.एस. सुब्बुलक्ष्मी (M.S. Subbulakshmi) हैं।
11 की उम्र में दी थी पहली परफॉर्मेंस
16 सितंबर 1916 को जन्मीं सुब्बुलक्ष्मी ने कर्नाटक संगीत को दुनियाभर में पहुंचाया। सुब्बुलक्ष्मी बचपन से ही संगीत से जुड़ी थीं। उनकी दादी वॉयलिन वादक थीं। ऐसे में उन्हें भी बचपन से संगीत का गुण सिखाया गया। उन्होंने पंडित नारायणराव व्यास और सेम्मंगुडी श्रीनिवास अय्यर से संगीत की शिक्षा ली और मात्र 11 साल की उम्र में पहली बार पब्लिक परफॉर्मेंस दी।

UN में लहरा संगीत का परचम
इसके बाद सुब्बुलक्ष्मी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने मद्रास म्यूजिक एकेडमी समेत कई इवेंट्स में शानदार परफॉर्मेंस के दम पर सबका ध्यान खींचा। उन्होंने नेशनल-इंटरनेशनल कॉलेज, कॉन्सर्ट्स और इवेंट्स में अपने संगीत का जादू बिखेरा। यहां तक कि वह UN जनरल एसेंबली में भी परफॉर्म कर चुकी थीं।
घर-घर में गूंजे भजन
संगीत बनाने के अलावा सुब्बुलक्ष्मी की आवाज भी बहुत मधुर थी। उन्हें भजन गाने के लिए जाना जाता है। सुब्बुलक्ष्मी के सबसे कल्ट गीतों में मीनाक्षी पंचरत्नम, भज गोविंदम, विष्णु सहस्रनाम, हरि तुम हरो और वेंकटेश्वर सुप्रभातम शामिल हैं। उनकी मधुर आवाज और खूबसूरत संगीत के चलते ही सिनेमा में उन्हें अलग-अलग नामों से बुलाया जाता था।

लता मंगेशकर बुलाती थीं तपस्विनी
महात्मा गांधी और पंडित जवाहर लाल नेहरू उनके गीत और संगीत के फैन थे। जवाहर लाल नेहरू तो उन्हें 'संगीत की रानी' बुलाया था। यहां तक कि लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) भी उनके हुनर की कायल थीं। उन्होंने एक बार उन्हें 'तपस्विनी' बुलाया था। किशोरी अमोनकर ने उन्हें 'आठवां सुर' कहा था। गीतों और संगीत के अलावा वह अभिनय भी कर चुकी थीं।
सुब्बुलक्ष्मी को मिल चुके ये अवॉर्ड्स...
- पद्म भूषण
- रमन मैग्सेसे अवॉर्ड
- पद्म विभूषण
- भारत रत्न
इसके अलावा वह संगीत नाटक अकेडमी अवॉर्ड, संगीत कलानिधि, और कालिदास सम्मान से भी नवाजी जा चुकी हैं।
आपको बता दें कि पति कल्कि सदाशिवम के निधन के बाद 1997 में उन्होंने पूरी तरह संगीत जगत से दूरी बना ली थी। 7 दशक के लंबे करियर में उन्होंने अपने हर काम से जनता के दिलों पर राज किया है।
