वकालत छोड़ बने एक्टर, नूरजहां संग गाया ये कल्ट गीत, इन्हीं की फिल्म का रीमेक थी 'मदर इंडिया'; सुरेंद्र की कहानी
सिनेमा का वो गायक जो कभी वकालत करता था, उसने 80 साल पहले अपने एक गीत से हर किसी के दिल में जगह बना ली थी।

वकालत छोड़ बने सिनेमा के दिग्गज गायक। फोटो क्रेडिट- सोशल मीडिया
HighLights
सुरेंद्र की फिल्म की रीमेक थी मदर इंडिया
गायिकी से रातोंरात छा गए थे सुरेंद्र
नूरजहां-सुरैया के साथ दिए हिट गाने
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। जिस दौर में केएल सहगल (KL Saigal) जैसे दिग्गज सिंगर का दबदबा था, उस वक्त एक पंजाबी मुंडे ने सिनेमा में कदम रखा। पेशे से वकील थे लेकिन हुनर गायिकी का था। बचपन से ही गायिकी में आगे थे। एक बार उनके दोस्त ने सलाह दी कि उन्हें गायिकी को अपना करियर बनाना चाहिए।
फिर क्या था, वह अपने ख्वाबों को पूरा करने के लिए बॉम्बे (मुंबई) आ गए। मदर इंडिया (Mother India), अंदाज और आन जैसी फिल्में बनाने वाले महबूब खान (Mehboob Khan) ने उन्हें बड़ा मौका दिया। वह उनकी आवाज सुनकर इस कदर इंप्रेस हो गए थे कि उन्हें केएल सहगल के विकल्प के तौर पर इंडस्ट्री में ले आए।
गायिकी से बनाई थी पहचान
जिस गायक की यहां बात हो रही है, उनका नाम भले ही आपने ज्यादा न सुना हो, लेकिन उनकी आवाज का जादू आज भी कम नहीं हुआ है। यह गायक हैं सुरेंद्र नाथ शर्मा (Surendra Nath Sharma) जिन्हें इंडस्ट्री में सिर्फ सुरेंद्र (Actor-Singer Surendra) के नाम से जाना जाता है।
कभी वकालत में बनाने जा रहे थे पहचान
11 सितंबर 1910 को पंजाब के बटला गांव में जन्मे सुरेंद्र पेशे से वकील थे। उन्होंने B.A, L.L.B की पढ़ाई कर रखी थी। वकालत छोड़कर गायिकी में पहचान बनाने के लिए सुरेंद्र मुंबई आ गए। महबूब खान ने उन्हें बतौर एक्टर और सिंगर लॉन्च किया। सुरेंद्र की पहली फिल्म 1936 में आई 'डेक्कन क्वीन' (Deccan Queen) की थी।

एक गीत ने बदली थी किस्मत
उन्होंने के.एल. सहगल के गाने 'बालम आए...' की पैरोडी अपनी आवाज में 'बिरहा की आग लगी...' के नाम से गाई जो दर्शकों के बीच तुरंत हिट हो गई। इसके बाद सुरेंद्र ने 'तुम्हीं ने मुझको प्रेम सिखाया...', 'भंवर मधुबन में जा..', 'भिक्षा दे दे मां..', 'अल्लाह नाम रस पीना प्राणी..' और 'प्रेम बिना सब सूना..' जैसे कई हिट गाने गाए।
नूरजहां के साथ दिया कल्ट गाना
यूं तो सुरेंद्र ने कई गायिकाओं के साथ गीत गाए, लेकिन नूरजहां (Noor Jahan) के साथ उनके सभी गाने कल्ट क्लासिक बन गए। सुरेंद्र और नूरजहां का सबसे हिट गाना 'आवाज दे कहां है..' था। इसके अलावा उन्होंने 'क्यूं याद आ रहे हैं गुजरे हुए जमाने..' और 'अब कौन है मेरा..' गाने भी गाए। उनका एक गाना 'तेरी याद का दीपक जलता है दिन रात' 7 दशक बाद भी कल्ट बना हुआ है।
सुरेंद्र की फिल्म की रीमेक थी मदर इंडिया
सिंगिंग के अलावा सुरेंद्र अभिनय में भी कम नहीं थे। उन्होंने कई फिल्मों में अभिनय किया, जिसमें मुगल-ए-आजम, दिल देके देखो और रानी रूपमती जैसी फिल्में शुमार हैं। उन्होंने जिन फिल्मों में काम किया, उनमें ज्यादातर में अभिनय भी किया।
आपको शायद ही मालूम हो कि मदर इंडिया सुरेंद्र की फिल्म की ही हिंदी रीमेक थी। यह फिल्म 1940 में आई महबूब खान की औरत थी, जिसमें सुरेंद्र ने भी अहम भूमिका निभाई थी।
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