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90s के सीरियलों पर भारी पड़ा था दूरदर्शन का शो, बने थे 780 एपिसोड; एक्ट्रेस की बिंदी की वजह से देखते थे लोग

Published: Thu, 22 Oct 2026 04:52 PM (IST)

मंदिरा बेदी अभिनीत दूरदर्शन का लोकप्रिय धारावाहिक 'शांति' 90 के दशक का एक यादगार शो था। यह एक निडर पत्रकार शांति की कहानी थी।

दोपहर में आता था मंदिरा बेदी का शो

दोपहर में आता था मंदिरा बेदी का शो

HighLights

  1. मंदिरा बेदी ने शांति के किरदार से घर-घर में पहचान बनाई

  2. शांति अपनी मां के साथ हुए अन्याय का बदला लेती है

  3. शो के 780 एपिसोड हुए थे प्रसारित

एंटरटेनमेंट डेस्क,नई दिल्ली। दूरदर्शन (Doordarshan) ने हमें कई ऐसे टीवी शोज दिए हैं जिनको आज तक भुला पाना मुश्किल है। इन सीरियलों में एक अलग तरह की कशिश थी जिनकी कहानी कहीं न कहीं हमारे जहन में बसी है।

आप इन्हें आराम से परिवार के साथ बैठकर देख सकते हैं। इनमें भारतीय संस्कृति, सामाजिक मूल्यों और आम आदमी की जिंदगी की झलक देखने को मिलती थी। इन्हीं में से एक था साल 1994 में आया टीवी शो शांति एक घर की बुनियाद।

मंदिरा ने निभाया था पत्रकार का रोल

इसमें मंदिरा बेदी (Mandira Bedi) ने लीड रोल निभाया था। दोपहर 2.30 बजे जब ये टीवी पर आता था तो लोग अपना सारा कामकाज छोड़कर आंख गड़ाकर बैठ जाते थे। कहानी की मुख्य किरदार शांति (मंदिरा बेदी) एक महत्वाकांक्षी और निडर पत्रकार के बारे में है।

क्या थी सीरियल की कहानी?

शो में मंदिरा बेदी का किरदार शांति अपनी मां के साथ हुई नाइंसाफी का बदला लेने निकलती है। वो भी एक रसूखदार परिवार से। कहानी में शांति अपनी मां तुलसी के साथ हुए दुष्कर्म के पीछे छिपे सच को सामने लाने के लिए पूरी कोशिश करती है।

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अपनी इस इंवेस्टिगेशन में वो अकेले ही उन लोगों का सामना करती है जिन्होंने उसकी मां की जिंदगी बर्बाद कर दी थी। यही वजह थी कि हर एपिसोड के बाद दर्शकों के मन में सवाल रहता था कि अब आगे क्या होगा?

बच्चों को खूब पसंद था सीरियल

इस सीरियल से मंदिरा बेदी को काफी लोकप्रियता मिली। उनके शानदार अभिनय और उनकी तीर वाली वाली बिंदी ने उस दौर में इस किरदार को घर-घर में पहचान दिलाई। इसके लगभग 780 एपिसोड प्रसारित हुए थे। इस शो ने पहली बार भारतीय टीवी पर एक आत्मनिर्भर और विद्रोही महिला की छवि पेश की थी।

‘शांति' सिर्फ एक टीवी शो नहीं बल्कि 90s के बच्चों और परिवारों की यादों का हिस्सा था जिसे देखकर वो दोपहर में स्कूल से आने के बाद खाना खाते थे।

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