डरावने सपने से निकला बॉलीवुड का 'राका'... वो खलनायक जिसे बदमाश-लफंगा कहते थे लोग, नहीं रखते थे बच्चों का नाम
इस आर्टिकल में जिक्र सिनेमा के उस हैंडसम विलेन की है जिससे लोग इतनी नफरत करते थे कि लोग उनसे प्रेरित होकर अपने बच्चों का नाम नहीं रखते थे।

खलनायक बनकर सिनेमा पर राज करने वाला एक्टर। फोटो क्रेडिट- इंस्टाग्राम

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। कहते हैं किरदार इतनी शिद्दत से निभाओ कि लोग उससे सच समझने लगे। हिंदी सिनेमा में एक सुपरस्टार ने भी यही किया। वह बॉलीवुड के इतने बड़े खलनायक बन गए कि रियल लाइफ में भी लोग उनसे नफरत करने लगे। लोग उनके नाम से इतनी नफरत करते कि लोग अपने बच्चों का नाम उन पर नहीं रखते थे।
इस खलनायक को बॉलीवुड का नंबर-1 बैड ब्वॉय कह दिया गया था। यह अभिनेता कोई और नहीं बल्कि प्राण (Pran) हैं। 400 के करीब फिल्में करने वाले प्राण ने सबसे ज्यादा शोहरत खलनायिकी के किरदार से कमाई।
प्राण ने खाई थीं गालियां
कभी लाहौर में फोटोग्राफी करने वाले प्राण फिल्मों में ऐसे जमे कि खलनायिकी से हर किसी को पस्त कर दिया। उन्हें पान की शॉप में वली मोहम्मद वली ने उन्हें देखा और उन्हें अपनी फिल्म में लेने के लिए उतावले हो गए और वहां ऑफिस में बुलाया। जब अगले दिन प्राण नहीं आए तो वली मोहम्मद वली ने उन्हें बहुत गालियां दीं।
50 रुपये में की थी पहली फिल्म
खैर, आखिरकार प्राण मान गए और पहली फिल्म यमला जट साइन कर ली। इस फिल्म के लिए उन्हें महीने के 50 रुपये मिल, जबकि वह फोटोग्राफी से ही महीने का 200 कमा लेते थे। बंटवारे से पहले पंजाबी सिनेमा का हब लाहौर हुआ करता था और वहां प्राण ने अपना नाम कमा लिया था लेकिन बंटवारे के बाद उन्हें महीनों तक फिल्मों के लिए भटकना पड़ा था। मुंबई में वह महीनों तक फिल्मों के लिए तरसे और आखिरकार उन्हें 500 रुपये महीने में जिद्दी मिली।
सिगरेट के छल्ले से बनी पहचान
इसके बाद प्राण छा गए। प्राण को सबसे ज्यादा पॉपुलैरिटी फिल्म बड़ी बहन से मिली जिसमें उन्होंने खलनायक की भूमिका निभाई थी। फिल्म में उनका सिगरेट से छल्ला बनाने वाला स्टाइल आज भी मशहूर है। यह ट्रेंड प्राण ने ही शुरू किया था और यही उनकी पहचान बनाई गई।
राका से मिला स्टारडम
प्राण का सबसे यादगार किरदार 'जिस देश में गंगा बहती है' में राका था। जब राज कपूर ने फिल्म की कहानी सुनाई तो प्राण को पसंद आ गई, बस उनके सामने एक चुनौती थी और वह यह थी कि राका का लुक और स्टाइल उन्हें ही तय करना था। राज चाहते थे कि वह राका के लिए एक अलग तरह का स्टाइल चुनें।
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अखबार-बुरे सपने से मिला किरदार
राका का जो गेट अप प्राण ने सोचा था, वो वास्तव में एक असली डकैत से प्रेरित थी, जिसकी हत्या की खबर न्यूजपेपर में देखते ही प्राण सुझाव लेकर राज कपूर के पास पहुंचे और राका कैसा दिखेगा- लुक फाइनल हो गया। फिल्म में राका बार-बार अपनी गर्दन सहलाने की आदत है, यही उसका स्टाइल था। यह आइडिया प्राण को एक बुरे सपने के बाद मिला।
उन्होंने एक बुरा सपना देखा और अचानक उनकी नींद खुली। उन्हें लगा कि कोई उनका गला घोंट रहा है। वह अपना गर्दन सहलाने लगे और तभी उन्हें आइडिया मिला कि डकैत राका का यही स्टाइल होगा।
एक इंटरव्यू में प्राण ने कहा था कि जब भी वह सड़क पर या पब्लिक में दिखते तो लोग उन्हें बदमाश और लफंगा कहने लगे थे। हालांकि, वह इसकी परवाह नहीं करते थे। आलम यह था कि कोई उनके नाम पर अपने बच्चों का नाम नहीं रखते थे।
