बिना सेट-VFX के असली गांव में शूट हुई थी Amitabh Bachchan की फिल्म, जानिए 1973 की क्लासिक फिल्म का खास किस्सा
अमिताभ बच्चन की 1973 की फिल्म 'सौदागर' की शूटिंग बिना सेट और VFX के पश्चिम बंगाल के एक असली गांव में हुई थी।

एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। आज के दौर में जहां मेकर्स फिल्म बनाने के लिए सेट और वीएफएक्स पर करोड़ों रुपये खर्च करते हैं, वहीं 5 दशक पहले बनी फिल्म 'सौदागर' (Saudagar) ने एक नया इतिहास रचा था। इस फिल्म की शूटिंग किसी स्टूडियो में नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल के एक असली गांव में हुई थी।
असली गांव में शूट हुआ था गाना
यही वजह है कि जब अमिताभ बच्चन पर्दे पर 'मोती'बनकर ताड़ के पेड़ पर चढ़ते हैं, तो दर्शक सिर्फ फिल्म नहीं देखते, बल्कि उस गांव की जमीन से खुद को जुड़ा हुआ महसूस करते हैं।

साल 1973 में रिलीज हुई क्लासिक फिल्म सौदागर की शूटिंग कोलकाता से लगभग 20 किलोमीटर दूर कामुदनी नाम के एक असली गांव में हुई थी। सुधेंदु रॉय द्वारा निर्देशित राजश्री प्रोडक्शंस की इस फिल्म में अमिताभ बच्चन ने 'मोती' और नूतन ने 'महजबीं'(मजुबी) का मुख्य किरदार निभाया था।
ऑस्कर में की थी एंट्री
सौदागर को 46वें ऑस्कर के लिए भारत की ओर से ऑफिशियल एंट्री मारी थी, लेकिन इसे नॉमिनेशन नहीं मिला। बंगाली लेखक नरेंद्रनाथ मित्रा की कहानी 'रस' पर आधारित यह फिल्म प्रेम, विश्वासघात और आशा की गाथा है।

क्या है सौदागर की कहानी?
फिल्म की कहानी गुड़ व्यापारी मोती की है। वह एक विधवा महिला महज़ुबीन से स्वार्थवश शादी कर लेता है और अपने स्वार्थ पूरे होने पर उसे छोड़ देता है। मानवीय रिश्तों की बजाय अपनी निजी जरूरतों को पूरा करने के उसके स्वार्थी इरादे उसे भावनात्मक और आर्थिक रूप से बर्बाद कर देते हैं, जिससे अंततः उसे अपने किए का सामना करना पड़ता है। फिल्म में नूतन का रोल बेहद प्रभावशाली था और इसके लिए उनकी खूब तारीफ भी हुई थी।
सौदागर का लोकप्रिय गाना सजना है मुझे सजना के लिए आज भी सबसे पॉपुलर गानों में से एक है। इसके अलावा लता मंगेशकर की आवाज में गाया गाना तेरा मेरा साथ रहे जैसे अन्य गीतों ने भी सौदागर को एक यादगार फिल्म बनाने में योगदान दिया है।
