'मुंज्या' एक्टर Abhay Verma ने खोला King के सेट का राज, सुनाया Shah Rukh से पहली मुलाकात का किस्सा
मुंज्या और ऑपरेशन सफेद सागर के बाद अब अभय वर्मा शाह रुख खान की किंग में दिखाई देंगे। हाल ही ...और पढ़ें

अभय वर्मा ने बताया शाह रुख के साथ काम करने का एक्सपीरियंस/ फोटो-इंस्टाग्राम
HighLights
अभय वर्मा ने किंग फिल्म में शाहरुख खान के साथ काम किया
शाहरुख खान को अपना आदर्श मानते हैं अभय वर्मा
सेट पर शाहरुख की विनम्रता और काम के प्रति जुनून से प्रभावित
प्रियंका सिंह, मुंबई। जब किसी ऐसे के साथ काम करने का मौका मिल जाए, जिसे देखकर सपने देखना सीखा हो, तो फिर उससे बड़ी बात क्या हो सकती है। अभिनेता अभय वर्मा के लिए भी किंग फिल्म में शाह रुख खान के साथ काम करने का अनुभव भी कुछ वैसा ही रहा है। अभय न केवल उनके साथ काम करके खुश हैं, बल्कि अपने काम करने के तरीकों को भी उनके काम जैसा ही रखना चाहते हैं।
शाह रुख भी खुद को हर फिल्म के साथ साबित करते हैं
अभय कहते हैं, "मैं हर फिल्म के साथ खुद को साबित कर रहा हूं और इस दौर से कभी निकलना नहीं चाहता हूं। जिनको मैं पूजता हूं, शाह रुख सर वह भी इंडस्ट्री में इतने साल काम करने के बावजूद खुद को हर फिल्म के साथ साबित करते हैं। मुझे इतनी कम उम्र में ही उनके साथ काम करने का मौका मिला है। वो ऐसी शख्सियत हैं, जिन्हें पूरी दुनिया जानती है, लेकिन वह सेट पर बस एक कुर्सी लेकर साइड में बैठ जाते हैं, ताकि देख पाए कि फिल्ममेकिंग कैसी होती है।

मुंज्या एक्टर ने आगे कहा, "अब भी उनमें हर सीन को बेहतर करने की उत्सुकता है। मेरी स्कूलिंग भी वहीं है। उनको मिलकर एक जुनून महसूस होता है कि 35 साल के बाद भी वह इतने साधारण कैसे हैं। हमारी उम्र के एक्टर की एक फिल्म चल जाती है, तो लोग कहते हैं कि स्टार बन गया। लेकिन जिसे स्टार बनाया गया है, उस स्टारडम को आपसे छीना भी जा सकता है। अगर हर कलाकार इस बात को समझ ले, तो इस चीज का कभी फायदा नहीं उठाएगा।
'सपना देखना उनसे सीखा है'
किंग फिल्म के सेट पर शाह रुख से पहली मुलाकात को लेकर आगे अभय कहते हैं, "मैंने सपना देखना ही उनसे सीखा है। जब मैं अपने आइडल से मिला, तो उन्होंने मुझे अहसास ही नहीं होने दिया कि वो शाह रुख खान हैं। मैं उनसे मिलकर जब घर वापस जा रहा था, तो मुझे अहसास हुआ की यह तो वही इंसान हैं, जिन्हें मैं पूजता आया हूं। वो इतने साधारण कैसे हैं, ऐसे मिलते है, जैसे उन्हें खुद पता नहीं है कि वह शाह रुख खान हैं। वह सबको खुद से आगे लेकर चलते हैं। हर इंसान के कही पहुंचने की वजह होती है, जहां शाह रुख सर है वहां पहुंचने की वजह कई सारी हैं।

बड़ी कमर्शियल फिल्म का हिस्सा बनना करियर के इस मोड़ पर अभय के लिए कितना अहम है?
इस सवाल के जवाब में वह कहते हैं कि मैं फिल्म को बड़ी-छोटी, कमर्शियल- नॉन कमर्शियल ऐसे नहीं देखता हूं। मैं बस यह जानता हूं कि मैं किंग का हिस्सा तभी बन पाया, जब मैंने सफेद जैसी फिल्म में अच्छा काम किया, सुपर 30 में जूनियर आर्टिस्ट का काम भी शिद्दत से किया था, मुंज्या फिल्म में अपने रोल को ईमानदारी से निभाया। मेरे पिछले सारे काम मुझे शाह रुख सर की फिल्म में पहुंचाने के लिए जिम्मेदार हैं।
दर्शकों का प्यार और शाह रुख सर, सिद्धार्ध आनंद जैसे दिग्गजों का भरोसा मेरे लिए अवॉर्ड की तरह हैं, जो अच्छे काम की भूख को बढ़ा देते हैं। मैं किसी फिल्मी बैकग्राउंड से नहीं हूं। ऐसे में फिल्मकारों और दर्शकों का साथ जब तक रहेगा, तब तक दुनिया भी आपको सलाम करेगी।
