रियासी। लोकसभा चुनाव में मतदान से वंचित रहे तलवाड़ा विस्थापित अब सख्त रुख अपनाने पर विचार कर रहे हैं। तलवाड़ा विस्थापित एक्शन कमेटी के चेयरमैन बलवान सिंह ने अफसोस जाहिर किया कि अपने ही देश में विस्थापितों को मतदान के हक से वंचित कर दिया गया। हालांकि यह पहली बार नहीं हुआ है वर्ष 1998 के बाद से ही विस्थापित मतदान से वंचित रह रहे हैं। पलायन करने के बाद जब से वह तलवाड़ा तथा अन्य जगहों में रह रहे हैं, तब से ही हर चुनाव में उनके मतदान केंद्र उनके पैतृक गांवों में बनाए जाते हैं, जहां पहुंचना आसान नहीं होता है।

इस बार भी ऐसा ही हुआ। हालांकि ये विस्थापित लोकसभा चुनाव से पहले ही मतदान केंद्र तलवाड़ा में स्थापित करने की मांग कर रहे थे। परंतु अधिकारियों ने आश्वासन भी दिया था कि मतदान के लिए उन्हें उनके पैतृक गांव ले जाने के लिए वाहनों का इंतजाम किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। मतदान करने के लिए विस्थापित पूरी तैयारी कर रामलीला मैदान में पहुंचे परंतु वहां वाहन नहीं पहुंचे। वे घंटों वाहनों का इंतजार करते रहे परंतु प्रशासन ने उनके साथ मजाक किया।

उन्होंने सड़कों पर उतर धरना-प्रदर्शन भी किया परंतु उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। वे इस बार भी मतदान से वंचित रह गए। बलवान सिंह ने कहा कि इस संबंध में जल्द ही जिला प्रशासन तथा चुनाव विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वे मिनी सचिवालय में भूख हड़ताल के साथ ही अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएंगे। अगर जरूरत पड़ी तो वह दिल्ली में इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया कार्यालय के बाहर मरण व्रत करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

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