मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

रायबरेली, जेएनएन। प्रियंका वाड्रा सोमवार को पूरे रौ में थीं। अपनी मां के संसदीय क्षेत्र में भावनात्मक शैली में लोगों से मुखातिब हुईं। यह बताया कि यहां की धरती उनके लिए पवित्र भूमि है। सोनिया गांधी के लिए पहली चुनावी जनसभा में उन्होंने यहां के भाजपा प्रत्याशी पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला। कहा कि मेरे पैर पकड़कर बहन कहने वाला आज क्या कर रहा है यह आप से छिपा नहीं है। उनकी कार्यशैली देख रहे हैं। जवाब आपको ही देना है। इसके अलावा उन्होंने इंदिरा गांधी और सोनिया के सेवाभाव को भी गिनाया। बताया कि यहां हम राजनीति नहीं करते। यह हमारा घर है।  

शहर से करीब 16 किमी दूर अमावां कस्बे में प्रियंका गांधी चुनावी जनसभा में पहुंची थीं। कुल 25 मिनट भाषण दिया। तसल्ली भरे अंदाज में रुक-रुककर बोलीं। हां, चुन-चुनकर वर्तमान राजनीति पर तंज कसे। कहा कि प्रचार-प्रसार वाले सेवा नहीं कर सकते। हवाई घोषणा वाले धरातल पर कुछ भी नहीं उतार सकते। उन्होंने जनता से सवाल किया कि 15 लाख देने का वादा करने वाले नेता के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कुछ ही दिन बाद उसे चुनावी जुमला कहा था कि नहीं?

फिर पूछा कि एक सिलिंडर उज्ज्वला का पाने वाले के अब भी उसे भरा पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सपने दिखाकर राजनीति नहीं करती। मेरी मां सोनिया गांधी जब यहां आईं थीं तो कोई एनएच नहीं था। आज पांच-पांच एनएच हैं। हमने सेवाभाव से काम किया है। क्योंकि यहां की धरती हमारे लिए पवित्र भूमि है। हमारा गहरा नाता है। हम यहां राजनीति नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि एक ऐसी राजनीति चल रही है, जिसके नेता समझते है कि सत्ता उन्हीं की है। जनता महत्वपूर्ण नहीं। मंत्री और उद्योगपति ही उनके लिए सबकुछ हैं।

आज कल रायबरेली में यही दशा उनकी हैं, जो भाजपा के तरफ से उम्मीदवार है वे बोलीं कि 'उन्हें मैं अच्छी तरह जानती हूं मैं वही हूं, जिसके पैर पकड़कर उन्होंने कहा था कि दीदी आप मेरी बहन हैं, जान चली जाएगी लेकिन मैं आपका साथ नही छोड़ूंगा'। ये लफ्ज उन्होंने तब कहे थे जब कांग्रेस में थे। अब भाजपा में शामिल हो गए। वे किस तरह का प्रचार कर रहे हैं मुझसे बेहतर आप लोग जानते हैं। उन्हें जनता सबक सिखाएगी। उम्मीद रखती हूं अबकी बार पांच लाख पार।

बीस साल पहले भी दिखी थीं इसी अंदाज में...
20 साल बाद प्रियंका वाड्रा का वही तेवर रायबरेली ने सोमवार को फिर देखा, जो उन्होंने 1999 में कांग्रेस प्रत्याशी सतीश शर्मा के पक्ष में चुनावी सभा में दिखाए थे। तब उन्होंने बतौर भाजपा प्रत्याशी अरुण नेहरू को निशाने पर रखते हुए यहां के लोगों से बड़े अधिकार से पूछा था कि... 'आपने उनको यहां घुसने कैसे दिया जिसने आपके राजीव जी के पीठ में छुरा भोंका है'। ठीक उसी अंदाज में उन्होंने यहां से आज भी अपनत्व रिश्ता जताने की कोशिश की। जिसका लब्बोलुआब उनके भाषण में दिखाई दिया।

'हमारा अपमान तो आपका भी'
प्रियंका बाड्रा ने देर रात भुएमऊ गेस्टहाउस में कार्यकर्ताओं के बीच भावानात्मक भाषण दिया। बोलीं, जो काम रायबरेली और अमेठी में हुआ वह आप सब अच्छी तरह जानते हैं। आपने खुद आंखों से देखा है। यह सोनिया आपका अहसान चुका रहीं थीं। आपने सोनिया को इतना प्रेम दिया, उन्हें नेता बनाया। उनके संघर्ष में कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया। उनका दुख बांटा। जब परिवार में हादसे हुए। राजीव जी की अस्थियां लेकर हम जा रहे थे संगम। हम अमेठी, रायबरेली से गुजरे। आपकी आंखों में वहीं आंसू थे, जो हमारी आंखों से निकले। जब इंदिरा जी की हत्या हुई आपकी आंखों में वही आंसू थे जो हमारी आंखों में थे। तो जब आपका अपमान होता है तो हमारा अपमान होता है। जब हमारा होता है तो आपका होता है।

Posted By: Anurag Gupta

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