शिमला/मंडी, जेएनएन। चुनाव प्रचार पर दो दिन का प्रतिबंध झेल चुके भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती की जुबान फिर फिसल गई। मंडी में बुधवार को उन्होंने भाजपा नेताओं को गाली देने वालों के बाजू काटने की बात कह डाली है। साथ ही सोनिया गांधी व पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर भी निशाना साधा। कांग्रेस वीरवार को इसकी शिकायत चुनाव आयोग से करेगी और लोकसभा चुनाव तक सत्ती को प्रचार करने से रोकने की मांग करेगी। 

बुधवार को मंडी संसदीय क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी रामस्वरूप शर्मा के नामांकन के बाद सेरी मंच पर चुनावी सभा में सत्ती ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। कहा, हमारे नेताओं को जो भी गाली निकालेगा, उसका बाजू काट देंगे। भाजपा कार्यकर्ता चुप नहीं बैठेंगे। अपशब्द बोले तो पंजाबी में गाली भी मिलेगी। बकौल सत्ती, सोनिया गांधी 10 साल तक मनमोहन सिंह के सिर पर दुर्गा बनकर बैठी रही। ईमानदार मनमोहन सिंह इसी दबाव में 10 साल कुछ नहीं बोल पाए। 

कांग्रेस प्रत्याशी आश्रय शर्मा का हश्र भी प्रतिभा सिंह की तरह होगा। उन्होंने सुखराम व भाजपा विधायक अनिल शर्मा पर भी जमकर हमला बोला। सत्ती ने कहा कि भाजपा के लोग सुखराम की तरह परिवार का पोषण करने राजनीति में नहीं आए है। भाजपा पोते-पोतियों की नहीं कार्यकर्ताओं की पार्टी है। अनिल गाय की तरह शरीफ

बनकर बैठे हुए हैं। उन्होंने अनिल से पूछा कि नेता बनने के लिए क्या घर के बेड के नीचे से सात करोड़ मिलना जरूरी है। 

सत्ती की शिकायत आज

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती के खिलाफ वीरवार को चुनाव आयोग में शिकायत की जाएगी। बुधवार को इस संबंध में कंटेंट देरी से मिलने के कारण शिकायत नहीं की जा सकी। राठौर ने मुख्यमंत्री द्वारा कांग्रेस नेता आनंद शर्मा पर की गई टिप्पणी की भी आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें प्रदेश के राजनीतिक माहौल को बिगाड़ने के किसी भी प्रयास से बचना चाहिए। 

एक मामले में प्रतिबंध, दूसरे में मिली थी चेतावनी

चुनाव आयोग ने 19 अप्रैल को सत्ती पर 48 घंटे तक चुनाव प्रचार का प्रतिबंध लगाया था। जबकि एक मामले मेंउन्हें व्यक्तिगत टिप्पणी न करने की चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था। 

कांग्रेस ने की रामस्वरूप की शिकायत

कांग्रेस ने मंडी से भाजपा प्रत्याशी रामस्वरूप शर्मा द्वारा नामांकन से तीन दिन पहले चार साल की आयकर रिटर्न एक साथ भरने की शिकायत चुनाव आयोग से कर दी है। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर ने कहा कि रामस्वरूप के आयकर विभाग को दिए हलफनामे में जनसेवक होने के नाते व्यस्तता का हवाला देकर आयकर रिटर्न में देरी हो जाने की बात कही है। आयकर विभाग द्वारा तीन दिन में उन्हें एनओसी जारी करना हैरान करने वाला है। 

Posted By: Babita

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस